Mallikarjun Kharge on PM Modi terrorist remarks : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले चेन्नई में मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए विवादित बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा ने किरण रिजिजू के जरिए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है और खरगे से माफी की मांग की है।
kiren Rijiju on mallikarjun kharge controversial comment: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को होना है। ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। ऐसे में मंगलवार को चेन्नई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया, जिसके बाद सियासी बवाल शुरू हो गया है। अब भाजपा मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची है और शिकायत दर्ज करवाई है।
इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, 'हमने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ उनके चौंकाने वाले और शर्मनाक बयान के लिए कड़ी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'आतंकवादी' कहा था। यह सिर्फ अपमानजनक ही नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर एक खतरनाक और पहले कभी नहीं हुआ हमला है। यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। तुरंत कार्रवाई से कोई समझौता नहीं होगा।'
भाजपा ने तर्क दिया कि यह टिप्पणी डिजिटल और प्रिंट मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित हुई है, जिसमें चुनावी माहौल को खराब करने और सभ्य संवाद के मानकों को कमजोर करने की पर्याप्त क्षमता है।
पार्टी ने कहा कि देश के सबसे बड़े राजनीतिक नेता को आतंकवादी बताना अत्यधिक व्यक्तिगत बदनामी का एक रूप है, जो मुद्दे-आधारित आलोचना के जनादेश से भटकता है। पत्र के अनुसार, चुनावी दिशानिर्देशों से परे भाजपा ने तर्क दिया कि यह टिप्पणी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की कई धाराओं के तहत एक अपराध है।
विशेष रूप से, पार्टी ने उम्मीदवार के चरित्र के बारे में झूठे बयान देने के लिए धारा 175 और मानहानि के लिए धारा 356(1) का हवाला दिया। भाजपा ने तर्क दिया कि 'आपराधिक-आतंकवादी शब्दावली' का प्रयोग कानूनी रूप से समझाने के बजाय भय और दुष्प्रचार के माध्यम से मतदाताओं की पसंद को विकृत करने का प्रयास है।
भाजपा ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वह खरगे को सार्वजनिक माफी मांगने और बयान वापस लेने का निर्देश दे। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह चुनाव प्रचार अवधि के दौरान इसके प्रसार को रोकने के लिए सभी सोशल मीडिया और समाचार प्लेटफार्मों से आपत्तिजनक बयान को तत्काल हटाने का आदेश दें।