सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या पर बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह प्लानिंग सुवेंदु को मारने की थी। पढे़ं पूरी खबर...
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ (Suvendu Adhikari's PA, Chandranath Rath) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रथ की हत्या के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल खड़ा हो गया है। भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा (BJP leader Rahul Sinha) ने कहा कि यह एक साजिश थी। उन्होंने कहा कि हमलावरों का असली निशाना खुद सुवेंदु अधिकारी थे। इधर, पुलिस टीम ने चंद्रनाथ रथ के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई है। पुलिस उत्तरी 24 परगना में CCTV ग्रिड की समीक्षा की कर रही है। हालांकि, अभी तक किसी खी भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बीजेपी चंद्रनाथ रथ की हत्या के विरोध में सड़क पर उतर आई है। कोलकाता सहित कई अन्य जगहों पर बीजेपी नेताओं ने रैली निकाली। वह आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
चंद्रनाथ रथ ने बुधवार को पूरा दिन सुवेंदु अधिकारी के साथ बिताया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि रथ का यह सुवेंदु के साथ आखिरी दिन होगा। सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ की गडा़ी उत्तर 24 परगना के मध्यग्राम के पास एक बिरयानी दुकान के पास रुकी थी। वहां पर काफी समय से हमलावर घात लगाकर बैठे हुए थे। हमलावरों ने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की हुई थी।
जानकारी के मुताबिक रथ घटना के समय स्कॉर्पियो के आगे वाली सीट पर बैठे हुए थे। हमलावरों ने खिड़की से सटाकर गोली चलाई। 3 गोलियां रथ के सीने में लगी। वह कार में लहुलुहान होकर गिर पड़े। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए।
जांच में जुटी पुलिस का मानना है कि हमलावर घटना को अंजान देने के बाद जेसोर रोड से होते हुए बारासात, कल्याणी एक्सप्रेसवे, बेलघरिया एक्सप्रेसवे या उससे भी आगे नदिया, बशीरहाट या बनगांव की तरफ भाग निकले। पुलिस अब इन सभी रास्तों के CCTV फुटेज खंगाल रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भागने के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ियां इस तरह तैयार की गई थीं कि उन्हें पहचानना नामुमकिन हो जाए। चार-पहिया गाड़ी पर नकली नंबर प्लेट लगी थी। गाड़ी और उसके मालिक की पहचान छिपाने के लिए, गाड़ी के अंदर दो जगहों पर लिखे चेसिस नंबर को जान-बूझकर खुरचकर मिटा दिया गया था। दोनों मोटरसाइकिलों पर भी नकली नंबर प्लेट लगी थीं। पुलिस का कहना है कि इस स्तर की तैयारी से साफ जाहिर होता है कि यह एक सोची-समझी और पेशेवर तरीके से की गई हत्या है।