
लोकसभा में आज अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर चर्चा होगी। भाजपा नेता सत्यपाल सिंह मंदिर निर्माण और राम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर चर्चा शुरू करेंगे। बता दें कि आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसद का आखिरी सत्र है। लिहाजा संसद में आज ऐतिहासिक चर्चा होने वाली है। उम्मीद है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य कानूनी लड़ाई के बाद अयोध्या राम मंदिर का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करेंगे। संसद के दोनों सदनों में सरकार ये प्रस्ताव लाएगी। बीजेपी ने अपने सांसदों को इसे लेकर व्हिप जारी किया है। लोकसभा में नियम 193 के तहत सरकार के प्रस्ताव लेकर आएगी। वहीं राज्यसभा में नियम 176 तहत इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। संसद का बजट सत्र, 17वीं लोकसभा का आखिरी, 31 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के साथ शुरू हुआ। इसका समापन आज होने वाला है।
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसद सत्र का आज आखिरी दिन
अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। BJP ने अपने एजेंडे में किए गए इस बड़े वादे को पूरा कर दिखाया है। ये सिर्फ बजट सत्र का ही आखिरी दिन नहीं है। बता दें कि बल्कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसद सत्र का भी आखिरी दिन है। इसी के चलते पीएम मोदी की स्पीच के साथ इसे यादगार बनाने की योजना है। आज अपने दूसरे कार्यकाल में संसद के आखिरी सत्र में प्रधानमंत्री मोदी आखिरी भाषण में भगवान राम के नाम का उदघोष करेंगे। जो प्रस्ताव सरकार आज लेकर आने वाली है वह इस प्रकार हैं-
ये खास नेता करेंगे राम पर चर्चा
देश की संस्कृति या धार्मिक रीति रिवाज़ों से आगे निकलकर समाज के कोने-कोने को राम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राम मंदिर पर चर्चा के लिए BJP की ओर से अपने खास नेताओं को सदन में उतारने का फैसला किया गया है। लोकसभा में होने वाली चर्चा में सुनील सिंह, सत्यपाल सिंह, निशिकांत दूबे, राजेन्द्र अग्रवाल, शिवसेना के सांसद धैर्यशील संभाजी राव हिस्सा लेंगे। वहीं राज्यसभा में राकेश सिन्हा और सुधांशु त्रिवेदी राम मंदिर पर होने वाली चर्चा का हिस्सा होगें।