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‘तेलंगाना में गंभीर संकट में है किसान समुदाय’, के. कविता का कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला

टीआरएस नेता के. कविता ने कहा कि तेलंगाना में किसान समुदाय गंभीर संकट में है। रायथु भरोसा योजना फसल कटाई का मौसम शुरू होने से पहले किसानों के खातों में जमा होनी थी, अभी तक उनके खातों में नहीं पहुंची है।

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Jun 11, 2026
K Kavitha
TRS प्रमुख के. कविता

Telangana Agriculture Crisis: टीआरएस नेता के कविता ने कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कविता ने गुरुवार को कहा कि तेलंगाना में किसान समुदाय गंभीर संकट में है। रायथु भरोसा योजना फसल कटाई का मौसम शुरू होने से पहले किसानों के खातों में जमा होनी थी, अभी तक उनके खातों में नहीं पहुंची है। इसके वजह से किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस सरकार का ऐप नहीं कर रहा काम

तेलंगाना रक्षा सेना (टीआरएस) की अध्यक्ष के. कविता ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में भी देरी हुई है। न तो किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया मिल पाया है और न ही उसकी खरीद हो पाई है। देश में कहीं भी यूरिया उपलब्ध कराने के लिए कोई ऐप नहीं है। हालांकि, तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने एक ऐप लॉन्च किया है, जो काम नहीं कर रहा है।

किसानों को नही मिल रहा पर्याप्त यूरिया

उन्होंने कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है। मैं तेलंगाना के माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध करती हूं कि वे इस ऐप को तुरंत हटा दें और पारंपरिक तरीके से यूरिया उपलब्ध कराएं।

'हिटलर की मुख्यमंत्री की तुलना'

बीआरएस (पूर्व में टीआरएस) नेता के. कविता ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। एक वीडियो बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री की तुलना हिटलर से करते हुए सरकार के फैसलों को तालिबान जैसी नीतियों जैसा बताया।

के. कविता ने दावा किया कि सरकार 27,000 सरकारी स्कूलों को महज 4,000 संस्थानों में मिलाने की तैयारी कर रही है, जिससे गरीब बच्चे और छात्राएं शिक्षा से वंचित हो जाएंगी। साथ ही, इससे 3 लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों का भविष्य भी अधर में लटक जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा का निजीकरण कर इसे गरीबों की पहुंच से दूर करना चाहती है।

प्रशासनिक विफलताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट दाखिले, जूनियर कॉलेज की मान्यता और डिग्री पाठ्यक्रमों को लेकर भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा, उन्होंने रेजिडेंशियल स्कूलों में छात्रों की मौतों और 11,000 करोड़ रुपये के फीस रिइम्बर्समेंट (फीस वापसी) के बकाया भुगतान में नाकामी को लेकर भी सरकार को घेरा।

Updated on:
11 Jun 2026 09:51 pm
Published on:
11 Jun 2026 09:30 pm
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