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नीट पेपर लीक पर CBI का बड़ा एक्शन, 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

NEET UG पेपर लीक मामले में CBI ने राउज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। मामले की सुनवाई विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
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भारत

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Rahul Yadav

Jul 28, 2026

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NEET UG Paper Leak Case (Image: ChatGPT)

NEET UG Paper Leak Case: नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। आर्थिक अपराध शाखा की तरफ से दायर इस चार्जशीट को मंगलवार को पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अधिनियम, 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।

आरोपियों के खिलाफ इन धाराओं में मामला दर्ज

सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(a) और पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स), 2024 की धारा 3, 4, 5, 10 और 11 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

इन 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट

सीबीआई ने जिन 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है उनमें यश यादव, मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

360 गवाह और 422 दस्तावेजों के आधार पर तैयार हुई चार्जशीट

सीबीआई ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दाखिल चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 अहम फिजिकल एविडेंस को शामिल किया है। एजेंसी के मुताबिक, 3 मई 2026 को परीक्षा के दिन ही शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। इसके लिए 72 अधिकारियों और कर्मचारियों की कई टीमें बनाई गईं जिनमें 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल थे। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 स्थानों पर तलाशी ली गई। इस दौरान डिजिटल डिवाइस, संचार उपकरण और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए, जिनकी बाद में फॉरेंसिक जांच कराई गई।

मनी ट्रेल से लेकर डिजिटल साक्ष्यों तक जुटाए सबूत

सीबीआई के अनुसार, जांच में पेपर लीक के स्रोत से लेकर कथित लाभार्थी छात्रों तक की पूरी कड़ी का पता लगाया गया। एजेंसी अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एनटीए के तीन विषय विशेषज्ञ और कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो लोग भी शामिल हैं। जांच के दौरान मनी ट्रेल की भी पड़ताल की गई जिसमें आरोपियों से जुड़े कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट अकाउंट फ्रीज किए गए। सीबीआई ने बताया कि डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट और शैक्षणिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी चार्जशीट का हिस्सा हैं। हालांकि एजेंसी का कहना है कि मामले में फॉरेंसिक विश्लेषण और आगे की जांच अभी भी जारी है।