
सीएम भगवंत मान। फोटो- आईएएनएस
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल का निशाना साधा। उन्होंने इन दलों पर झूठे पेपर लीक के आरोपों के जरिए पंजाब और उसके मेहनती युवाओं की इज्जत खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया है। सीएम भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी सिफारिश, बिना किसी पेपर लीक और बिना किसी कैश के, बल्कि सिर्फ मेरिट के आधार पर 69,000 सरकारी नौकरियां दी हैं।
पार्लियामेंट के अपने दौरे के दौरान वे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और दूसरे सांसदों से मिले। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा को पॉलिटिकल फायदे के लिए पंजाबियों को बदनाम करना बंद करना चाहिए और इसके बजाय उनसे अपनी पॉलिटिकल लड़ाई लड़नी चाहिए। मुख्यमंत्री मान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि डेमोक्रेसी की खूबसूरती यही है कि लोगों को एक-दूसरे से मिलते रहना चाहिए और बातचीत करते रहना चाहिए। राजनीति में विचारधारा में अंतर होना नेचुरल है और वे हमेशा रहेंगे, लेकिन उन्हें कभी भी दिल का अंतर नहीं बनना चाहिए।
उन्होंने पेपर लीक पर विपक्ष के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने साढ़े चार साल पूरे कर लिए हैं, लेकिन इस दौरान पंजाब में एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले हमें फार्मेसी एग्जाम के दौरान चीटिंग का एक केस मिला था। एग्जाम सुबह 11 बजे शुरू हुआ था और 11:15 बजे तक हमें पता चला कि एक कैंडिडेट ब्लूटूथ वाले पेन से क्वेश्चन पेपर स्कैन कर रहा था और बाहर बैठे लोगों से इयरपीस के जरिए जवाब ले रहा था। पंजाब पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया, 10 कैंडिडेट्स के साथ-साथ बाहर से काम कर रहे 11 लोगों के गैंग को गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भेज दिया। पंजाब ‘नो कैश, नो फर्माइश’, सिर्फ मेरिट के सिद्धांत पर काम करता है।
सीएम भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर जवाब देते हुए कहा कि सबसे पहले फार्मेसी एग्जाम एजुकेशन डिपार्टमेंट के अंडर नहीं, बल्कि हेल्थ डिपार्टमेंट के अंडर आता था। स्वास्थ्य मंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ था। यह सिर्फ चीटिंग की कोशिश थी, जिसे तुरंत रोक दिया गया और एग्जाम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पंजाब में पेपर लीक नहीं हो सकता।
अकाली दल पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि पंजाब में अकाली दल की अब कोई हैसियत नहीं रही। अब उनके पास कितना सपोर्ट है? जहां तक भाजपा की बात है तो संसद के बाहर प्रदर्शन करने से पहले उन्हें जंतर-मंतर पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं बिना एक भी रुपया लिए और पूरी तरह से मेरिट के आधार पर 68,855 सरकारी नौकरियां देकर लोगों के सामने खड़ा हूं। पंजाब भर्ती में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार पुरानी बातें हो गई हैं। भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल को झाड़ू की चिंता करने के बजाय पहले अपना घर ठीक करना चाहिए।
Updated on:
28 Jul 2026 09:51 pm
Published on:
28 Jul 2026 09:47 pm
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