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Punjab Politics: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से AAP पर बढ़ा दबाव, पंजाब में दो मंत्रियों के इस्तीफे की मांग तेज

Punjab Paper Leak Controversy: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने मान सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष ने कथित पेपर लीक मामलों पर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
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चंडीगढ़ पंजाब

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Ashib Khan

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Updated: 26 Jul 2026, 12:14 PM IST

Dharmendra Pradhan resignation impact on Punjab politics

भगवंत मान (बाएं) और अरविंद केजरीवाल

Punjab Politics: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रदेश में धर्मेंद्र प्रधान के पद को छोड़ने का उदाहरण देते हुए मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष ने दो मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की है। बता दें कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।

कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी- अमरिंदर सिंह राजा

प्रदेश में विपक्ष ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों ही मंत्रियों के इस्तीफे की मांग भी तेज कर दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस का आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। वड़िंग ने कहा कि राज्य में बार-बार सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को भी इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस इस मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी।

अकाली दल ने शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की

वहीं,  शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में नायब तहसीलदार भर्ती, पंजाब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PTET), 12वीं अंग्रेजी परीक्षा, कृषि विकास अधिकारी भर्ती, पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) परीक्षाओं और फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा सहित छह कथित पेपर लीक मामलों से पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।

क्लेर ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय इन मामलों को हल्के में ले रही है। उन्होंने AAP नेता मनीष सिसोदिया के उस कथित बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने पंजाब में पार्टी के कार्यकाल के दौरान कोई पेपर लीक नहीं होने का दावा किया था।

पंजाब BJP ने केजरीवाल पर साधा निशाना

वहीं अमृतसर में पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। ढिल्लों ने कहा कि केजरीवाल जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पेपर लीक का मुद्दा उठाते हैं, लेकिन पंजाब में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों पर चुप्पी साध लेते हैं।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार छात्रों की मांगों को स्वीकार करते हुए मामलों की CBI जांच के आदेश दे चुकी है और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कानून भी बना चुकी है। ढिल्लों ने यह भी कहा कि भाजपा 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सरकार बनाएगी।