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भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक आई सामने, रेल भवन के बाहर दिखा शानदार लुक

Bullet Train India First Look: भारत की पहली बुलेट ट्रेन की तस्वीर पहली बार सामने आई है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है। जापान की मदद से बन रही यह ट्रेन भारत में तेज और आधुनिक रेल सफर की नई शुरुआत मानी जा रही है।

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May 18, 2026
रेल भवन के गेट नंबर 4 पर दिखी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन की तस्वीर (इमेज सोर्स: आईएएनएस/ANI)

India High Speed Bullet Train Update: भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक अब सामने आ गई है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट की एक तस्वीर रेल मंत्रालय के रेल भवन में गेट नंबर 4 के पास लगाई गई है, जिसे देखकर लोग काफी उत्साहित हैं।

बता दें यह बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे जापान सरकार की तकनीकी और आर्थिक मदद से तैयार किया जा रहा है। करीब 508 किलोमीटर लंबे इस रूट में गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली शामिल हैं।

इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर मुंबई, ठाणे, विरार, वापी, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती समेत कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह प्रोजेक्ट भारत में रेल यात्रा को और तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी थी जानकारी

रेल मंत्रालय ने इस साल सूरत और बिलिमोरा के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन चलाने का भरोसा जताया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस साल फरवरी में संसद को बताया कि कुल 12 स्टेशनों में से 8 स्टेशनों (वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती) पर नींव का काम पूरा हो चुका है। सत्रह नदी पुल पूरे हो चुके हैं। गुजरात में 4 बड़े नदी पुलों (नर्मदा, माही, ताप्ती और साबरमती) पर काम एडवांस स्टेज में है और महाराष्ट्र में 4 नदी पुलों पर काम चल रहा है। डिपो (ठाणे, सूरत और साबरमती) पर काम जोरों पर है।

उन्होंने कहा कि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में सिविल काम ठीक-ठाक चल रहा है। खुदाई का काम लगभग 91% पूरा हो चुका है, और कंक्रीटिंग का काम अलग-अलग स्टेज पर है, जिसमें लेवल-4 पर बेसमेंट स्लैब 100% पूरा हो चुका है। समुद्र के नीचे सुरंग (लगभग 21 km) का काम शुरू हो गया है, जिसमें से महाराष्ट्र में घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 km सुरंग पूरी हो चुकी है।

डेवलप हो रहे अनुभव और टेक्निकल क्षमताएं

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट से भारत को बुलेट ट्रेन तकनीक में बड़ा अनुभव मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के जरिए ट्रैक बनाने, आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रेन निर्माण, मेंटेनेंस और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसी नई तकनीकों में देश की क्षमता मजबूत होगी। इससे भविष्य में भारत में और भी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने में मदद मिलेगी।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत भारतीय रेलवे अब बुलेट ट्रेन से जुड़े सिस्टम और पार्ट्स का निर्माण देश में ही बढ़ावा दे रहा है। वंदे भारत ट्रेन की सफलता के बाद, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और BEML मिलकर 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली नई हाई-स्पीड ट्रेन तैयार कर रहे हैं।

प्रोजेक्ट के लिए जमीन का अधिग्रहण कानून के अनुसार किया गया है और प्रभावित लोगों को मुआवजा व पुनर्वास की सुविधा दी गई है। यह कॉरिडोर बड़ी संख्या में यात्रियों को तेज और लगातार सेवा देने के लिए तैयार किया जा रहा है।

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