
Punjab Politics: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की हार के बाद पंजाब में सियासी हलचल शुरू हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी पूरी कैबिनेट के साथ दिल्ली पहुंए गए हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के अपने नेताओं की यह बैठक पार्टी की राज्य इकाई में बढ़ते आंतरिक असंतोष की चर्चा के बीच बुलाई है। यह मीटिंग दिल्ली में कपूरथला हाउस में हो रही है। पंजाब कैबिनेट की मंगलवार को होने वाली बैठक स्थगित कर सभी मंत्रियों को दिल्ली आने के लिए कहा गया है। देश में अब केवल पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आप की इकलौती सरकार है।
वैसे पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा में आप के पास 93 विधायकों के साथ मजबूत बहुमत है लेकिन सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतापसिंह बाजवा ने यह दावा कर हलचल मचा दी कि आप के 30 विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1000 रुपए देने के वादे सहित अन्य वादे पूरे नहीं करने के बहाने केजरीवाल पंजाब के सीएम मान को हटा सकते हैं और बड़ा उलटफेर हो सकता है। बाजवा पहले कह चुके हैं कि मान पंजाब के एकनाथ शिंदे साबित हो सकते हैं।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दावा किया कि मान सरकार जाने वाली है और दो माह में मध्यावधि चुनाव होंगे। आप से कांग्रेस में शामिल होकर सांसद बने धर्मवीर गांधी ने भी कहा कि पंजाब के आप विधायक कांग्रेस या भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उधर, दिल्ली के नवनिर्वाचित भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी कहा कि पंजाब सीएम मान की कुर्सी खतरे में है और केजरीवाल उन्हें हटाएंगे।
आप - 93
कांग्रेस - 16
भाजपा - 3
अकाली दल - 2
बसपा एवं अन्य - 2
रिक्त - 1