
Calcutta High Court seeks report on egging incidents: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेताओं पर 'अंडे फेंकने' की बढ़ती घटनाओं को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने अब राज्य सरकार को गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने सरकार से एक एफिडेविट जमा करने को कहा है, जिसमें हाल के महीनों में हुई ऐसी घटनाओं की संख्या और उनके जवाब में उठाए गए कदमों की जानकारी हो। आपको बता दें कि राज्य में नेताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा और हलचल पैदा कर दी है।
दरअसल, 'द स्टेट्समैन' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह निर्देश उस जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस ने मांग की थी कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपोब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी चटर्जी की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान TMC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने अंतरिम आदेश जारी करने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने यह मांग खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपोब्रत चक्रवर्ती ने राज्य सरकार के वकील से कहा, सबसे पहले हमें सामाजिक जागरूकता पैदा करने की दिशा में काम करना चाहिए। इस संबंध में सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? केवल एक-दो लोगों को गिरफ्तार करने से क्या हासिल होगा? इस पर न्यायमूर्ति पार्थ सारथी चटर्जी ने कहा, 'सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।'
राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने दलील देते हुए कहा, हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। यदि कोई शिकायत ही दर्ज नहीं कराता, तो हम कार्रवाई कैसे करें?
इसके जवाब में टीएमसी के वकील कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया, 'पुलिस खुद अंडे फेंकने की घटनाओं में शामिल है, ऐसे में आम लोग क्या कर सकते हैं?
उन्होंने अनुरोध किया कि अदालत को अंतरिम आदेश जारी करना चाहिए। हवाई अड्डे जैसी जगहों पर भी इस तरह के हमले हो रहे हैं। मंत्री तक ऐसी घटनाओं का समर्थन कर रहे हैं। सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
बता दें कि हाल के दिनों में टीएमसी के कई नेताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और बेलेघाटा से विधायक कुणाल घोष भी शामिल हैं।