
उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे। (फोटो-IANS)
महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिव सेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगा है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे के सबसे करीबी माने जाने वाले सीनियर नेता सचिन अहिर ने औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे की शिवसेना जॉइन कर ली है।
अहिर ने पार्टी बदलने के बाद महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए भी नामांकन दाखिल कर दिया है। जब आदित्य ठाकरे को इस खबर की जानकारी मिली तो वे काफी नाराज हो गए।
आदित्य ठाकरे ने सचिन पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा- पार्टी ने उन्हें सब कुछ दिया, फिर भी वे चले गए। जीवन में कुछ सिद्धांत तो होने चाहिए। उन्होंने आगे कहा- इन्हें किसी तरह से मेरे पास लाओ, मैं खुद पूछूंगा कि पार्टी ने उन्हें क्या नहीं दिया।
दूसरी तरफ, इस मामले में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सचिन का अपनी पार्टी में भव्य स्वागत किया। उन्होंने उन्हें राजनीति का तेंदुलकर बताया। साथ ही यह भी कहा- उन्होंने सिक्स मार दिया है।
शिंदे ने कहा कि सचिन जमीनी कार्यकर्ता हैं, लोगों को उनकी राजनीति पसंद है। उन्होंने कहा- वे हमारे खिलाड़ी हैं जो बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग सब कर सकते हैं।
महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाठ ने इसे ऑपरेशन इमरजेंसी बताया। उन्होंने कहा कि सचिन मेहनती नेता हैं और शिंदे की अगुवाई में आए हैं। बता दें कि सचिन आदित्य ठाकरे के लिए सिर्फ नेता नहीं थे।
2019 में जब आदित्य ने पहली बार चुनाव लड़ा तो सचिन को एनसीपी से शिवसेना में लाया गया और वोरली की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई। मुंबई में आदित्य की रणनीति बनाने वाले प्रमुख चेहरे माने जाते थे।
बता दें कि हाल ही में उद्धव शिवसेना के छह सांसदों के जाने के बाद यह दूसरा बड़ा झटका है। यह घटनाक्रम विधान परिषद में ताकत बढ़ाने और आने वाले नगर निगम तथा विधानसभा चुनावों को देखते हुए शिंदे गुट की अहम रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
शिंदे गुट इसे अपनी बड़ी जीत बता रहा है। कई नेता कह रहे हैं कि अब उद्धव शिवसेना के और भी विधायक टूटकर आ सकते हैं।
Updated on:
30 Jun 2026 03:53 pm
Published on:
30 Jun 2026 03:53 pm
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