27 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सांसद संजय देशमुख की गद्दारी से टूट गए उद्धव ठाकरे, कहा- बेटी की शादी का बहाना बनाकर धोखा दिया

shiv sena ubt crisis: उद्धव ठाकरे का तीखा हमला - बेटी की शादी का बहाना बनाकर की गद्दारी! संजय देशमुख पर बोला- मैंने जिताया था फिर धोखा क्यों?
2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Mukul Kumar

Jun 27, 2026

shiv sena ubt mps rebel delhi

उद्धव ठाकरे। (फोटो- IANS)

महाराष्ट्र में छह सांसदों के धोखे से शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। सबसे ज्यादा दुख उद्धव को सांसद संजय देशमुख के जाने से लगा है। बगावत के बाद उद्धव सीधे संजय के संसदीय क्षेत्र यवतमाल पहुंचे।

यवतमाल में शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ने संजय पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय ने बेटी की शादी का बहाना बनाकर गद्दारी की।

भगवा झंडे और वफादारी का साथ नहीं छोड़ा

उद्धव ने साफ कहा कि अगर पैसे का खेल होता तो वे भी कई लोगों को खरीद सकते थे, लेकिन उन्होंने भगवा झंडे और वफादारी का साथ नहीं छोड़ा। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने बताया कि पार्टी में फूट से ठीक दो हफ्ते पहले उन्होंने सांसदों की बैठक बुलाई थी।

उद्धव ने आगे बताया कि इस बैठक में संजय देशमुख ने आने के बजाय वीडियो कॉल से जुड़ने की बात कही। संजय ने कहा कि बेटी की शादी का रिश्ता फाइनल करना है। इस वजह से वह आने में समर्थ नहीं हैं। लेकिन यह बेटी का रिश्ता नहीं कहीं और गठबंधन का मामला था।

'रात को फिर संजय को कॉल किया'

उद्धव ने बताया कि उन्होंने संजय को रात में फोन करके फिर पूछा कि बेटी का रिश्ता तय हो गया क्या? जिस पर देशमुख ने हां कह दिया। लेकिन दो दिन बाद सच्चाई सामने आ गई। जो रिश्ता तय हुआ था, वो पार्टी की गद्दारी का था।

उद्धव ने कहा- जहां भी यह गद्दार मिले उससे पूछो, मैंने जितवाया था, फिर गद्दारी क्यों की? उन्होंने साफ इशारा किया कि ये सब मिलीभगत का नतीजा था।

पैसे से सब कुछ खरीद सकते थे

उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर उनके पास पैसा होता तो वे भी कई लोगों को अपने साथ रख सकते थे या उन्हें नीचे गिरा सकते थे। लेकिन उन्होंने कभी ऐसा रास्ता नहीं अपनाया।

उन्होंने संजय देशमुख से सीधा सवाल किया- 'बताओ, तुमने गद्दारी क्यों की? उद्धव का यह बयान शिवसेना के पुराने कार्यकर्ताओं में काफी चर्चा का विषय बन गया है। कई पुराने नेता इसे पार्टी के अंदर की कड़वाहट का सबूत मान रहे हैं।

2022 से एकनाथ और उद्धव के बीच रार

बता दें कि शिवसेना में 2022 की फूट के बाद से उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच तनाव जारी है। उद्धव अब भी दावा करते हैं कि असली शिवसेना उनके साथ है।

संजय देशमुख जैसे नेताओं के जाने से पार्टी को नुकसान हुआ, लेकिन उद्धव कहते हैं कि वफादार कार्यकर्ता अब भी उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में फिर से गठबंधन और ताकत के समीकरण बदले जा रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में भावुक होते हुए कहा कि गद्दारी करने वाले कभी आगे नहीं बढ़ पाते।

कार्यकर्ताओं में गुस्सा

शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता इस बयान पर भड़के हुए हैं। कई जगहों पर संजय देशमुख के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। कार्यकर्ता पूछ रहे हैं कि जिन नेताओं ने बालासाहेब ठाकरे की विरासत को कमजोर किया, उन्हें माफ कैसे किया जा सकता है?

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग