सीबीआई ने उद्योगपति अनिल अंबानी से 2929.05 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में शुक्रवार को करीब सात घंटे पूछताछ की। 21 अगस्त 2025 को भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत पर अनिल अंबानी सहित कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
उद्योगपति अनिल अंबानी से सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने 2929.05 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में करीब सात घंटे तक पूछताछ की। शुक्रवार को वह जांच अधिकारी के सामने दोबारा पेश हुए थे।
सीबीआई की एक प्रेस रिलीज के अनुसार, 21 अगस्त, 2025 को अनिल अंबानी और कई अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों के संबंध में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी।
इस मामले की जांच के दौरान, सीबीआई ने आरोपी अनिल अंबानी को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था। प्रेस रिलीज के मुताबिक, पूछताछ अधूरी रह गई थी और उन्हें आज फिर से सीबीआई दफ्तर बुलाया गया था।
एसबीआई 11 बैंकों के कंसोर्टियम (समूह) का मुख्य बैंक है। जिसमें बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, UCO बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, ई-कॉर्पोरेशन बैंक, केनरा बैंक, ई-सिंडिकेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, IDBI बैंक लिमिटेड, ई-ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स शामिल हैं।
एसबीआई की शिकायत एक फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट पर आधारित थी। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि 2013-17 की अवधि के दौरान समूह की संस्थाओं के बीच आपस में जुड़ी और घुमावदार लेन-देन के जरिए ऋण निधियों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग व हेरफेर किया गया।
इसके परिणामस्वरूप, 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़े कुल 19694.33 करोड़ रुपये के ऋण में से एसबीआई को 2929.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच एजेंसी के अनुसार, CBI को पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, UCO बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, IDBI बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र से अलग-अलग शिकायतें मिलीं हैं।
इसके अलावा, 25 फरवरी को M/s Reliance Communications Limited, अनिल अंबानी और अन्य लोगों (जिनमें कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं) के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया।
यह मामला बैंक ऑफ बड़ौदा से 24 फरवरी को मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया, जिसमें e-Dena Bank और e-Vijaya Bank के बकाए का भी जिक्र है।
साथ ही, 5 मार्च को Reliance Communications Limited, उसके निदेशकों अनिल अंबानी, मंजरी अशोक काकर और अन्य अज्ञात लोगों (जिनमें कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं) के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया।
यह मामला पंजाब नेशनल बैंक से 2 फरवरी को मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया, जिसमें e-United Bank of India के बकाए का भी जिक्र है। प्रेस रिलीज में बताया गया कि सीबीआई ने मुंबई में अपने विशेष न्यायाधीश की अदालत से तलाशी वारंट हासिल किए।
इसके बाद 23 अगस्त, 2025 को मुंबई स्थित Reliance Communications Limited के दो दफ्तरी परिसरों और अनिल अंबानी के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।