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मोदी सरकार का बड़ा झटका! डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़कर ₹24 प्रति लीटर, इंफ्रा सेस ₹36

High Speed Diesel Price: डीजल की कीमतों और टैक्स में इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब और माल ढुलाई की लागत पर पड़ेगा। हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और इंफ्रा सेस में भारी इजाफे किया गया है।
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Apr 11, 2026
Diesel Tax
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- ANI)

Diesel Excise Duty Hike: ईरान-इजरायल तनाव के बीच केंद्र सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने हाई-स्पीड डीजल (HSD) पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाकर ₹24 प्रति लीटर कर दिया है, जबकि सड़क एवं अवसंरचना विकास सेस (Road & Infrastructure Cess) को ₹36 प्रति लीटर कर दिया गया है।

डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़कर हुई ₹55.5 प्रति लीटर

इस फैसले के साथ डीजल पर कुल टैक्स बोझ काफी बढ़ गया है। पहले स्पेशल एक्साइज ड्यूटी और इंफ्रा सेस मिलाकर जो राशि थी, उसमें अब भारी इजाफा हुआ है। साथ ही डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी भी ₹21.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹55.5 प्रति लीटर कर दी गई है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी ड्यूटी ₹29.5 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को शून्य ही रखा गया है।

फैसला तुरंत प्रभाव से लागू

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का मानना है कि बढ़ते वित्तीय दबाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच राजस्व बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और अन्य योजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा।

आम जनता और ट्रांसपोर्ट पर असर

डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने की आशंका है। ट्रक ऑपरेटर्स, लॉजिस्टिक्स कंपनियां और किसान इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। हालांकि, अभी पेट्रोल पंपों पर रिटेल दामों में तत्काल बदलाव की कोई खबर नहीं है।

बता दें कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में ईंधन पर टैक्स को कई बार समायोजित किया है। इस बार का फैसला वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता और घरेलू राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने के उद्देश्य से लिया गया प्रतीत होता है।

एटीएफ शुल्क भी बढ़ाया

इस बीच, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर ड्यूटी भी 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी अभी भी शून्य बनी हुई है। पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के बाद से वैश्विक तेल बाज़ार अस्थिर बने हुए हैं। 28 फरवरी को, अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले किए, जिसके जवाब में तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद, 8 अप्रैल को, ईरान, अमेरिका और इज़राइल दो सप्ताह के लिए संघर्ष विराम पर सहमत हो गए, क्योंकि इस संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया क्षेत्र में ऊर्जा बाज़ार और व्यापार प्रवाह बाधित हो गया था।

Updated on:
11 Apr 2026 08:44 pm
Published on:
11 Apr 2026 07:18 pm