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CGPSC भर्ती घोटाला: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को ED ने किया गिरफ्तार, 7 दिनों की रिमांड पर भेजा

CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने पेपर लीक और चयन में हेरफेर के आरोप लगाए हैं।
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Jul 27, 2026
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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी (फोटो - सोशल मीडिया, एडिटेड बाई ChatGPT)

CGPSC Recruitment Scam: प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को कथित भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी का आरोप है कि सोनवानी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर प्रश्नपत्र लीक करने, चयन प्रक्रिया में हेरफेर करने और अपने रिश्तेदारों व पसंदीदा उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने की साजिश रची थी। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अवैध धन का लेनदेन नकद और बैंकिंग लेयरिंग के जरिए किया गया। फिलहाल ईडी मामले की आगे की जांच कर रही है।

अब मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच करेगी ED

सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में अब जांच का दायरा बढ़ गया है। पहले इस मामले की जांच सीबीआई कर रही थी जबकि अब प्रवर्तन निदेशालय कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की भी जांच करेगा। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि भर्ती प्रक्रिया में यदि कोई अवैध लेन-देन हुआ तो वह किस तरह किया गया और उससे जुड़े लोगों तक पैसा कैसे पहुंचा। इसी सिलसिले में टामन सिंह सोनवानी से पूछताछ की जाएगी।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

टामन सिंह सोनवानी को सीबीआई पहले ही इस भर्ती घोटाले में गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि राज्य सेवा परीक्षा की चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं की गईं और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों का दुरुपयोग किया गया। इस मामले में बजरंग पावर एंड स्टील लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को भी आरोपी बनाया गया था।

18 रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप

सीबीआई की जांच में दावा किया गया है कि टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल के दौरान नेताओं, अधिकारियों और उनके करीबी लोगों के करीब 18 रिश्तेदारों को कथित तौर पर अनुचित तरीके से सरकारी नौकरियां दिलाई गईं। जांच एजेंसी के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में कथित हेरफेर और पैसों के लेन-देन से जुड़े साक्ष्य भी सामने आए हैं, जिनकी अब ईडी आर्थिक पहलू से जांच कर रही है।

पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप

सीबीआई के आरोपों के अनुसार, परीक्षा के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले कुछ लोगों तक पहुंचाए गए थे। जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रश्नपत्रों की प्रतियां तैयार कर चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाई गईं, जिससे उन्हें परीक्षा में अनुचित लाभ मिला। एजेंसी ने परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल समेत कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की है।

2021 की भर्ती परीक्षा से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला वर्ष 2021 की सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा से जुड़ा है। इस भर्ती के जरिए 171 पदों पर नियुक्तियां होनी थीं। प्रारंभिक परीक्षा फरवरी 2022 में, मुख्य परीक्षा मई 2022 में हुई और मई 2023 में अंतिम परिणाम घोषित किए गए। चयन सूची जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे जिसके बाद मामले की जांच पहले सीबीआई और अब ईडी कर रही है।

Updated on:
27 Jul 2026 03:18 pm
Published on:
27 Jul 2026 02:43 pm