MHA OCI Guidelines: भारत सरकार ने Citizenship Amendment Rules 2026 लागू करते हुए OCI से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा और नियम उल्लंघन पर OCI रद्द किया जा सकता है।
Citizenship Amendment Rules 2026: गृह मंत्रालय (MHA) ने सिटिजनशिप (अमेंडमेंट) रूल्स को लेकर अधिसूचित कर दिया है, जिसके तहत नागरिकता नियम, 2009 में अहम बदलाव किए गए हैं। नए नियमों में खास तौर पर प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) से जुड़े आवेदन और सेवाओं को अपडेट किया गया है।
सरकार ने बताया कि अब प्रवासी भारतीय नागरिक के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन करना होगा। इसके अलावा आवेदकं को फिजिकल OCI कार्ड के साथ-साथ e-OCI दस्तावेज़ की सुविधा भी दी जाएगी।
नए नियमों में नाबालिगों के लिए नियम बनाया गया है। जिसमें बताया गया कि कोई भी नाबालिग एक साथ भारतीय और विदेशी पासपोर्ट नहीं रख सकता। यह प्रावधान नागरिकता से जुड़े नियमों को और सख्त बनाने के लिए लागू किया गया है।
OCI कार्ड धारकों को भारत में लाइफटाइम मल्टीपल-एंट्री वीजा, आर्थिक और शैक्षणिक सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि, सरकार ने बताया कि OCI धारकों को मतदान या संवैधानिक पदों का अधिकार नहीं मिलता।
सरकार ने साफ कहा है कि OCI स्टेटस कोई अधिकार नहीं बल्कि एक विशेषाधिकार है। यदि कोई धारक भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसका OCI रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय ने यह भी बताया है कि OCI किन मामलों में रद्द किया जा सकता है। सरकार के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है या 7 साल या उससे अधिक सजा वाले अपराध में चार्जशीट दाखिल होती है। तो उसका OCI रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।
2005 में OCI योजना की शुरुआत Citizenship Act, 1955 में संशोधन के जरिए की गई थी। इसके तहत वे लोग आवेदन कर सकते हैं, जिनका भारत से संबंध रहा हो, लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े लोगों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
सरकार का कहना है कि नए नियमों का मकसद OCI आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाना और साथ ही सुरक्षा व कानूनी अनुपालन को मजबूत करना है।