
लाठीचार्ज के विरोध में 'टॉर्च मार्च' (फोटो-IANS)
Jharkhand Student Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध कर रहे उम्मीदवारों का गुस्सा कम होता नहीं दिख रहा है। प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद से छात्रों का आंदोलन और तेज हो गया है। मंगलवार को सैकड़ों उम्मीदवार एकजुट हुए और रांची के ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मौन 'मशाल मार्च' निकाला। मोबाइल फोन की जलती हुई फ्लैशलाइट लिए युवा बिना कोई नारा लगाए सड़कों पर उतरे और संदेश दिया कि पुलिस की कार्रवाई उनके आंदोलन या उनकी मांगों को कमजोर नहीं कर सकती।
विधानसभा के घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद छात्रों ने यह मौन मार्च निकाला। शाम होते ही सैकड़ों छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में जमा हो गए। उम्मीदवारों ने अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाई और अल्बर्ट एक्का चौक की ओर बढ़ना शुरू किया। मार्च पूरी तरह से अनुशासित और शांतिपूर्ण था, फिर भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर युवाओं के चेहरों पर गुस्सा साफ दिख रहा था।
छात्रों के इस मौन विरोध से पहले ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो भी विरोध स्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायल उम्मीदवारों का हाल-चाल जाना और युवाओं की मांगों का समर्थन किया। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सुदेश महतो ने कहा कि जिस सरकार ने कुछ समय पहले तक युवाओं के साथ बातचीत और समाधान की बात की थी, उसी सरकार ने अचानक निहत्थे छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज कर दिया।
उन्होंने कहा कि यह रवैया साफ तौर पर दिखाता है कि सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच और लाठीचार्ज के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा कांग्रेस पार्टी की नेता अंबा प्रसाद ने भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह की हिंसा या पुलिस लाठीचार्ज का समर्थन नहीं करती है। अंबा प्रसाद ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि वह छात्रों की परेशानी और गुस्से को अच्छी तरह समझती हैं। छात्रों की मांगें गैरकानूनी नहीं हैं। बल्कि, वे राज्य की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार चाहते हैं और उनकी पार्टी इस मुद्दे पर उम्मीदवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
Updated on:
11 Aug 2026 09:42 pm
Published on:
11 Aug 2026 08:46 pm
