
CJI Surya Kant Statement on Youth: भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत का ‘कॉकरोच’ वाला बयान सुर्खियों में है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में की गयी अपनी एक टिप्पणी पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनका इरादा देश के युवाओं के खिलाफ नहीं था, बल्कि उन लोगों के लिए था जो फर्जी डिग्रियों और गलत तरीकों से प्रतिष्ठित पेशों में घुसपैठ कर रहे हैं।
CJI ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें भारतीय युवाओं पर गर्व है और मीडिया के एक हिस्से ने उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने बयान में आगे ये भी कहा कि उन्हें ये सब पढ़कर बहुत दुख हुआ है।
दरअसल, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ एक वकील की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह वकील वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा पाने की कोशिश कर रहा था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वकील को फटकार लगाते हुए ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी की थी।
इसी दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा, सोशल मीडिया यूजर्स… और कुछ आरटीआई एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर सिस्टम पर हमला करना शुरू कर देते हैं। जबकि उनके पास कोई डिग्री होती नहीं है। ये लोग बिना योग्यता के प्रतिष्ठित पेशों में भी आ जाते हैं। ऐसे लोग की ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ की तरह होते हैं।
कोर्ट ने आगे वकील से ये भी कहा कि हर कोई वरिष्ठ अधिवक्ता बनने के योग्य नहीं होता। पूरी दुनिया वरिष्ठ अधिवक्ता बनने की पात्र हो सकती है, लेकिन कम से कम आप इसके पात्र नहीं हैं। CJI की इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया और मीडिया में विवाद शुरू हो गया।
CJI ने सफाई में युवाओं को लेकर आगे कहा कि उन्हें भारत के युवाओं पर हमेशा गर्व है। उनके मुताबिक, देश के युवा उन्हें लगातार अच्छा काम करने की प्रेरणा देते हैं। CJI ने कहा कि युवाओं का उन्हें काफी सम्मान और प्यार मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है और विकसित भारत बनाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका होगी। CJI के अनुसार, देश की युवा शक्ति ही भारत की सबसे मजबूत ताकत और आने वाले समय की सबसे बड़ी उम्मीद है।