
Cockroach Party Protest Latest Update: नीट पेपर लीक विवाद तूल पकड़ रहा है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रदर्शनकारी मोमबत्तियां लेकर पहुंचे थे। लेकिन सोशल मीडिया एक्स पर दावा है कि दिल्ली पुलिस ने उनकी मोमबत्तियां जब्त कर लीं। उन्हें श्रद्धांजलि नहीं देने दी। इसी को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को श्रद्धांजलि देने का अधिकार भी छीन लिया गया।
बता दें जंतर-मंतर पर सीजेपी का धरना तीसरे दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही, पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को न्याय और मुआवजा देने की भी मांग उठ रही है।
बीते दिनों शनिवार को NEET-UG विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभिजीत दीपके ने ऐलान किया था कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक वे धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को खाने-पीने का सामान, पानी, स्ट्रीट लाइट और वॉशरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दे रही है। उनका दावा है कि बैरिकेड्स के दूसरी तरफ मौजूद लोगों को भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है। एक वीडियो में वे पुलिसकर्मियों से यह पूछते भी नजर आए कि पानी और लाइट बंद करने का आदेश किसने दिया।
उन्होंने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और खासतौर पर दिल्लीवासियों से आगे आकर समर्थन देने की अपील की। दीपके का कहना है कि यह लड़ाई छात्रों के अधिकारों की है और 20 जून से धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी जाने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
दरअसल, ये पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच संबंधी बयान के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ। कुछ युवाओं को न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की बात बुरी लगी। उनका कॉकरोच वाला बयान के चलते कॉकरोच जनता पार्टी बनाई गई। कुछ ही दिनों में इस अभियान से 220 लाख से ज्यादा लोग जुड़ गए। जब इसका एक्स अकाउंट बंद कर दिया गया, तो समर्थकों ने ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से नया अकाउंट शुरू कर दिया।
सीजेपी की अपील पर 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा जुटे। उसी दिन संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से लौटकर सीधे प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रमुखता से दिखाया और इसे ‘जेन-जी’ का प्रदर्शन बताया। बाद में दीपके ने पुणे, अमृतसर, लखनऊ और जयपुर में भी प्रदर्शन किए। जयपुर में उनके साथ मारपीट की घटना हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे उनका हौसला कम नहीं हुआ है।