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CJP Protest: ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से गूंजी दिल्ली, पार्लियामेंट स्ट्रीट पर छात्रों का भारी जमावड़ा

NEET Exam Controversy: नीट परीक्षा विवाद के बीच दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर से आए छात्र और युवा पार्लियामेंट स्ट्रीट पर जुटे हैं।

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Jun 06, 2026
CJP student protest Parliament Street Delhi
कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन। ( फोटो: X/ @Cockroachisback)

Parliament Street Protest : दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर शनिवार की तपती सुबह का नजारा आम दिनों से बिल्कुल अलग था। जहां अमूमन इस वक्त वीकेंड की शांति होती है, वहां आज देश के भविष्य यानि युवाओं और छात्रों का एक बड़ा हुजूम जुटा हुआ था। हाल ही में देश के अंदर परीक्षाओं को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता और विवादों ने इन युवाओं को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया है। ये सभी छात्र नवनिर्मित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले अपनी आवाज बुलंद करने यहां पहुंचे थे।

परीक्षाओं के डर ने सड़कों पर उतारा

इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए नोएडा के रहने वाले 17 वर्षीय आरव ने अपनी चिंता साझा की। आरव अभी 12वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं और अगले साल उन्हें मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) का सामना करना है। आरव का कहना है कि हाल के दिनों में परीक्षाओं को लेकर जो कुछ भी खबरें सामने आई हैं, उसने उनके मन में एक गहरा डर पैदा कर दिया है। वे नहीं चाहते कि इतनी मेहनत के बाद उनका भविष्य अधर में लटके। यही अनिश्चितता उन्हें भारी गर्मी में भी यहां खींच लाई है।

अनोखे अंदाज में पहुंचे युवा

प्रदर्शन में सिर्फ स्कूली छात्र ही नहीं, बल्कि नौकरीपेशा युवा भी शामिल हुए। भीड़ में मौजूद पीआर प्रोफेशनल सार्थक अपने साथ डॉ. शशि थरूर की लिखी किताब 'अंबेडकर: ए लाइफ' लेकर पहुंचे थे। जब चारों तरफ मीडिया के कैमरे और पुलिस की गाड़ियां दौड़ रही थीं, तब सार्थक बेहद शांत रह कर अपनी मांग रख रहे थे। उनका कहना है कि वे यहां किसी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि इस मुद्दे के पीछे छिपी सच्चाई और छात्रों के हक की बात का समर्थन करने आए हैं।

जंतर-मंतर पर मार्च की तैयारी

ग्राउंड जीरो से मिल रही जानकारी के मुताबिक, इस संगठन के संस्थापक अभिषेक दीपके जल्द ही अमेरिका के बोस्टन शहर से भारत लौटने वाले हैं। उनके आने के बाद कोर कमेटी के सदस्यों के साथ एक बैठक होगी, जिसके बाद जंतर-मंतर पर आधिकारिक रूप से बड़े प्रदर्शन की अनुमति लेने के लिए एक मार्च निकाला जाएगा।

पार्लियामेंट स्ट्रीट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

फिलहाल पार्लियामेंट स्ट्रीट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। छात्र लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और वर्तमान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। युवाओं का साफ कहना है कि जब तक देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आती, उनका यह संघर्ष अलग-अलग रूपों में जारी रहेगा।

सरकार को इस पर सख्त एक्शन लेना चाहिए

यह लड़ाई किसी एक छात्र की नहीं, बल्कि देश के हर उस युवा की है जो रात-दिन जागकर तैयारी करता है। अगर हमारी परीक्षाओं की साख ही खत्म हो जाएगी, तो हमारी मेहनत का क्या मोल रह जाएगा? सरकार को तुरंत इस पर सख्त एक्शन लेना चाहिए।

दिल्ली पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने देती है या नहीं, इस पर नजर

इस प्रदर्शन के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हुई हैं कि क्या दिल्ली पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की लिखित अनुमति देती है या नहीं। साथ ही, बोस्टन से लौट रहे संगठन के संस्थापक अभिषेक दीपके के भारत आते ही इस आंदोलन की अगली रूपरेखा क्या होगी और क्या शिक्षा मंत्रालय की तरफ से इन प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की कोई पहल की जाएगी, यह देखना बेहद अहम होगा।

प्रदर्शनकारी किसी पारंपरिक राजनीतिक दल के झंडे के नीचे नहीं पहुंचे

बहरहाल, इस पूरे प्रदर्शन का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि यहां आए युवा किसी पारंपरिक राजनीतिक दल के झंडे के नीचे नहीं आए। कोई छात्र हाथ में संविधान और महापुरुषों की जीवनी वाली किताबें लेकर आया था, तो कोई सोशल मीडिया के जरिये इस मुहिम से जुड़ा था। यह दिखाता है कि आज का युवा लीक से हटकर, बिना किसी राजनीतिक ठप्पे के सीधे तौर पर उन मुद्दों पर सवाल उठा रहा है जो सीधे तौर पर उसके करियर और भविष्य से जुड़े हैं।