
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग अब तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साफ चेतावनी दी है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान नहीं हटे तो मुद्दा पीएम के इस्तीफे तक भी पहुंच जाएगा। दीपके ने कहा कि एक असफल मंत्री को करोड़ों छात्रों से ज्यादा महत्व नहीं दिया जा सकता।
दीपके ने मंच से खुलकर कहा- मोदी जी, मैं आपसे एक बार फिर अनुरोध करता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लें। वरना, यह मामला सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक ही सीमित नहीं रहेगा; यह आपके इस्तीफे तक भी पहुंच जाएगा।
उन्होंने कहा- अगर एक विफल और अक्षम मंत्री को इन करोड़ों छात्रों से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है, तो याद रखें- भारत के चुनावों में कोई भी आपको वोट नहीं देगा।
बता दें कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों का बड़ा आंदोलन जारी है। इस बीच, मोदी सरकार ने छात्रों से बातचीत का ऑफर दिया है, जिस पर सीजेपी ने कहा कि वह बातचीत को तैयार हैं, लेकिन उनकी दो शर्तें हैं।
पहली शर्त सीजेपी की ओर से यह रखी गई कि बातचीत नड्डा के दफ्तर में नहीं बल्कि जंतर-मंतर पर या किसी और जगह होगी। दूसरी शर्त यह रखी गई कि जो भी बातचीत हो, उसे सरकार को मानना होगा, हवा-हवाई बात नहीं करनी है।
हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। दीपके ने सवाल किया कि कब तक देश बिना जवाबदेही के चलेगा? क्या यह लोकतंत्र है जहां कोई इस्तीफा नहीं देता?
दीपके ने साफ कहा कि सीजपी ने एक हफ्ते का समय दिया है। अगर प्रधान नहीं हटे तो आंदोलन और तेज होगा। कई जगहों पर प्रदर्शन हो चुके हैं। इस बीच विपक्षी पार्टियां भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही हैं।
उधर, राहुल गांधी के आवास पर अहम बैठक चल रही है। सभी कांग्रेस सांसदों को बुलाया गया है। माना जा रहा है कि मीटिंग में छात्रों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।