
Cockroach Janata Party: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच 20 जुलाई को संसद मार्च की घोषणा ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। लेकिन ANI की रिपोर्ट के अनुसार CJP ने अब तक संसद मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी है। वहीं, संसद के मानसून सत्र के दौरान लागू सख्त सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अगर अब आवेदन किया भी जाता है तो अनुमति मिलना मुश्किल माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, CJP ने सोमवार, 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च का आह्वान किया है। इस मार्च की घोषणा पहले पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने की थी। हालांकि शनिवार को दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई । दिल्ली पुलिस का कहना है कि CJP ने अभी तक मार्च के लिए कोई औपचारिक आवेदन नहीं दिया है।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों का चार सप्ताह का यह सत्र बुलाने की मंजूरी दी है। सत्र के दौरान नई दिल्ली जिले में संसद भवन, इंडिया गेट और आसपास के क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू रहती है। इसके तहत चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, बिना अनुमति जुलूस या रैली निकालने और हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहता है।
पुलिस का कहना है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य संसद की कार्यवाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और सांसदों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है। ऐसे में बिना अनुमति संसद की ओर बढ़ने वाले छात्र संगठनों या राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा सकता है या मौके पर ही रोक दिया जाएगा।
संसद मार्च को लेकर विवाद के बीच सोनम वांगचुक की सेहत भी चिंता का विषय बनी हुई है। नई दिल्ली के डीसीपी के अनुसार, शनिवार सुबह अदालत के निर्देश के तहत मेडिकल टीम जंतर-मंतर पर उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बाधा पहुंचाई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।