
Priyanka Gandhi On CJP Protest: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद भवन के आसपास CJP समर्थकों के प्रदर्शन और उनकी मांगों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद भवन किसी की जागीर नहीं है। वहीं कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा।
सोमवार को CJP समर्थकों ने संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की। हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तत्काल कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि देश में गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन सरकार उन पर चर्चा करने के बजाय छात्रों पर आंसू गैस छोड़ रही है और लाठीचार्ज कर रही है। उन्होंने कहा, 'ये हमारे ही बच्चे हैं, देश का भविष्य हैं। संसद उन्हीं की है, किसी की जागीर नहीं है। राहुल गांधी काफी समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। संवाद करने की बजाय बच्चों की पिटाई की जा रही है। आखिर किसलिए?'
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों का शिक्षा तथा परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठता जा रहा है। उनका आरोप है कि पिछले 12 वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि केवल प्रवेश परीक्षाएं ही नहीं, बल्कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी लगातार लीक हो रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि देश में पेपर लीक माफिया सक्रिय हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई छात्रों ने निराशा में आत्महत्या तक की, लेकिन दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सबसे पहले नीट के छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ पुलिस का व्यवहार उचित नहीं है। अखिलेश ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज, बिजली के झटके और पथराव जैसी कार्रवाई की जा रही है, जबकि उनकी मांगों को सुना जाना चाहिए।
इसी बीच संसद के मानसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सोमवार की कार्यवाही के बीच ही लोकसभा और राज्यसभा की बैठक मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।