
Cockroach Janata Party: सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। साथ ही लाठीचार्ज भी किया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी ले लिया। जिसके बाद भीड़ धीरे-धीरे वहां से हट गई। उस समय संसद की कार्यवाही जारी थी और प्रधानमंत्री सहित सभी सांसद भवन के भीतर मौजूद थे।
इससे पहले प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशनों तक भी पहुंच गए थे। सुबह करीब 10 बजे कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग पार कर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने की ओर बढ़ने की भी कोशिश की। उधर दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।
इधर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।
इधर, प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने 'X' पर पोस्ट कर सभी सांसदों से सड़क पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग कर रही है और उनके साथ मारपीट की जा रही है।
सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हजारों CJP कार्यकर्ताओं ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। CJP पिछले 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।