
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके। (फोटो सोर्स- IANS)
Protest outside the Parliament House: कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक संसद भवन तक मार्च कर रहे हैं। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई में कई युवा घायल हुए हैं, लेकिन वह लगातार आगे बढ़ रहे हैं। संसद भवन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं संसद के बाहर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। क्विक रिस्पॉन्स टीम को किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैनात कर दिया गया है। वाटर कैनन की गाड़ियां भी मेन गेट के सामने भीड़ को रोकने के लिए मौजूद हैं।
इसी बीच सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। दीपके ने ढाई दिन में अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी भी मंच पर मौजूद रहीं।
संसद भवन के समीप जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों को मुद्दा सोमवार को संसद में उठाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष व राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह विषय सदन में रखा। उन्होंने राज्य सभा में बोलते हुए कहा कि जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इन छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया है। खरगे ने कहा कि जंतर मंतर पर आज हजारों बच्चे आए हैं और उन पर लाठीचार्ज हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। खरगे ने कहा कि उन्हें पेपर लीक और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर अपनी बात रखने का अवसर मिला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि देशभर के लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभिजीत दीपके ने भी अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वहीं, योगेंद्र यादव ने पुलिसिया कार्रवाई को लेकर कहा कि संसद के सामने युवाओं पर आँसू गैस छोड़ना बंद कीजिए। सरकार दमन नहीं, संवाद का रास्ता चुने। अपने अयोग्य शिक्षा मंत्री को हटाकर युवाओं की बात सुने।
Updated on:
20 Jul 2026 02:35 pm
Published on:
20 Jul 2026 01:21 pm
