Cockroach Janta Party Founder News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। दिपके का कहना है कि कुछ लोग उनके घर तक पहुंच गए हैं।
Abhijeet Dipke, Cockroach Janta Party Founder: सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। इसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। दिपके का कहना है कि कुछ लोग उनके घर तक पहुंच गए हैं और परिवार को डराने की कोशिश की जा रही है।
30 वर्षीय अभिजीत दिपके फिलहाल अमेरिका के बोस्टन में हैं, जहां वह पब्लिक रिलेशंस की पढाई कर रहे हैं। उनका परिवार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में रहता है। दिपके ने कहा कि जो फैसला उन्होंने लिया, उसकी सजा उनके परिवार को नहीं मिलनी चाहिए।
दिपके ने दावा किया कि उन्हें हाल ही में एक वीडियो मिला, जिसमें एक व्यक्ति खुद को उनके घर के बाहर बताते हुए धमकी देता दिखाई दिया। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार के साथ कुछ हो। यह फैसला मैंने लिया है, उन्होंने नहीं।”
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सिर्फ अपनी राय रखने के कारण इस तरह निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
पूरा विवाद 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में हुई एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कुछ लोगों को 'समाज के परजीवी' और 'कॉकरोच' जैसे शब्दों से संबोधित किया था।
इस बयान पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान देश के युवाओं के खिलाफ नहीं था, बल्कि फर्जी डिग्री लेकर पेशों में आने वाले लोगों को लेकर था।
इसी के बाद अभिजीत दिपके ने व्यंग्य के तौर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिसने कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया पर बड़ी लोकप्रियता हासिल कर ली।
विवाद बढ़ने के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की।
सरकारी सूत्रों का दावा था कि अकाउंट पर डाला जा रहा कुछ कंटेंट 'भड़काऊ' माना गया और यह युवाओं के बीच तेजी से प्रभाव बना रहा था। हालांकि दिपके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सिर्फ लोकतांत्रिक तरीके से असहमति दर्ज कराना है।
दिपके ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस प्लेटफॉर्म की तुलना नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में हुए आंदोलनों से कर रहे हैं, ताकि इसे बदनाम किया जा सके।
उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह लोकतांत्रिक लोग हैं। हमारा हर विरोध संविधान के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से होगा।”
दिपके ने एक और विवादित बयान देते हुए कहा कि भारत की GenZ पीढ़ी काफी जागरूक और शिक्षित है। उनके मुताबिक, “आज की युवा पीढ़ी देश चला रहे कई लोगों से ज्यादा शिक्षित है।”
अभिजीत दिपके ने माना कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह मामला इतने बड़े स्तर तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह सिर्फ एक व्यंग्यात्मक अभियान था, लेकिन अब बड़ी संख्या में युवा उनसे जुड़े हुए हैं।
उन्होंने बताया कि कई युवा लगातार उन पर दबाव डाल रहे हैं कि वह पीछे न हटें और इस मंच को आगे बढ़ाएं।
दिपके ने कहा कि फिलहाल वह इसे एक' युवा राजनीतिक मोर्चा' या 'प्रेशर ग्रुप' की तरह देखते हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि अभी किसी राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकरण को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
दिपके ने कहा कि उनका अमेरिकी वीजा फिलहाल जुलाई तक वैध है। उन्होंने माना कि उन्हें भविष्य को लेकर अब नई परिस्थितियों के हिसाब से सोचना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “लोग पूछते हैं कि मैं खुद अमेरिका में बैठा हूं और दूसरों से क्या कह रहा हूं। लेकिन सच यह है कि मैंने इस स्तर की प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी।”
अभिजीत दिपके पहले आम आदमी पार्टी के साथ भी काम कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोविड काल के दौरान वह दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सोशल मीडिया और संचार टीम से जुड़े थे। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दिपके सामाजिक मुद्दों, जातीय हिंसा और युवाओं से जुड़े विषयों पर लगातार सक्रिय रहे हैं।