Cockroach Janta Party X Account Blocked: भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े खतरे का हवाला देते हुए Cockroach Janta Party का X अकाउंट IT Act की धारा 69A के तहत ब्लॉक कर दिया है। हालांकि इसका इंस्टाग्राम अकाउंट अभी सक्रिय है, जबकि संस्थापक अभिजीत दीपके ने नया हैंडल Cockroach Is Back लॉन्च किया है।
Cockroach Janta Party X Account Blocked: भारत में Cockroach Janta Party का एक्स अकाउंट ब्लॉक हो गया है। लेकिन दूसरे देशों में यह अब भी चालू है। गुरुवार शाम तक इस अकाउंट के करीब 2 लाख फॉलोअर्स थे। इंडियन एक्सप्रेस ने सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की ओर से इनपुट मिला था कि यह अकाउंट देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। आरोप है कि अकाउंट पर ऐसा भड़काऊ कंटेंट पोस्ट किया जा रहा था, जो युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा था और इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।
रिपोर्ट के मुताबिक सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई की गई। यह धारा केंद्र सरकार को देश की संप्रभुता, सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और अपराध भड़काने वाले कंटेंट पर रोक लगाने का अधिकार देती है। ब्लॉकिंग की प्रक्रिया IT Rules, 2009 के तहत होती है और ऐसे आदेश गोपनीय रखे जाते हैं।
वहीं एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरकार ने एक्स को अकाउंट ब्लॉक करने का आदेश तब भेजा था जब इस पर 90 हजार फॉलोअर्स थे। हालांकि इसी नाम से जुड़ा इंस्टाग्राम अकाउंट अभी भारत में सक्रिय है और उसके 16 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। अधिकारियों का कहना है कि इंस्टाग्राम अकाउंट को भी ब्लॉक करने की प्रक्रिया जारी है।
इस बीच, Cockroach Janta Party का अकाउंट ब्लॉक होने के बाद संस्थापक अभिजीत दीपके एक वीडियो जारी किया। दीपके ने कहा कि जैसा अंदेशा था, उनका अकाउंट भारत में रोक दिया गया है। इसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने Cockroach Is Back नाम से नया हैंडल लॉन्च कर लोगों से जुड़ने की अपील की।
बता दें कि लोकप्रियता का अंदाजा इसके इंस्टाग्राम हैंडल @cockroachjantaparty से लगाया जा सकता है। फॉलोअर्स के मामले में इस पेज ने बीजेपी को भी काफी पीछे छोड़ दिया है।
X की गाइडलाइंस के मुताबिक, किसी भी अकाउंट या पोस्ट को तभी ब्लॉक किया जाता है जब अधिकृत सरकारी एजेंसी की ओर से वैध कानूनी अनुरोध प्राप्त हो। ऐसे प्रतिबंध सिर्फ उसी देश या क्षेत्र तक सीमित रहते हैं जहां संबंधित कानून लागू होता है।