
Congress CWC Meeting: वंदे मातरम को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस ने अपना रुख साफ कर दिया है। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी ने तय किया कि उसके कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 1937 में तय किए गए संस्करण के शुरुआती दो पैरा ही गाए जाएंगे। बैठक में आगामी परिसीमन को लेकर भी कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट किया।
कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने बैठक के बाद कहा कि वंदे मातरम को लेकर पार्टी का रुख पहले दिन से स्पष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि 28 अक्टूबर 1937 के संस्करण को लेकर कांग्रेस का स्टैंड आज भी वही है।
CWC की बैठक में वंदे मातरम को लेकर 1937 के कांग्रेस के फैसले का जिक्र किया गया। जयराम रमेश ने बताया कि उस समय CWC की बैठक में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद और गोविंद वल्लभ पंत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद उस प्रस्ताव को पारित किया गया था। कांग्रेस का कहना है कि इस पुराने फैसले को लेकर अब कोई विवाद नहीं है और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
जयराम रमेश ने कहा कि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की आखिरी बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी दोहराया था कि जन गण मन राष्ट्रीय गान और वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत होगा।
CWC की बैठक में आगामी परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट किया। कांग्रेस ने कहा कि लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या बढ़ाने की जरूरत नहीं है।
पार्टी की मांग है कि लोकसभा में कुल 543 सीटों की संख्या को बरकरार रखा जाए। कांग्रेस का कहना है कि परिसीमन के दौरान सीटों की संख्या में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक में परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के आंदोलन को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने NEET और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के आंदोलनों पर सरकार के रुख की आलोचना की।
पार्टी ने तय किया है कि संसद में मुद्दा उठाने के बाद अब देश के 800 से ज्यादा शहरों में 'छात्रों की गूंज' अभियान चलाया जाएगा। इसके जरिए परीक्षा से जुड़े मुद्दों और छात्रों की मांगों को उठाने की तैयारी है।
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी की फंडिंग और चंदा जुटाने की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने 'चंदा चोरी' के मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। पार्टी बूथ और स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच जाकर इस मुद्दे को उठाएगी और आर्थिक गड़बड़ियों से जुड़े आरोपों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।
CWC में अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियों को भी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया गया। कांग्रेस ने इस विषय पर सरकार से जवाब मांगने और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से उठाने का फैसला किया है।
बैठक में शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी पार्टी ने योजना तैयार की। कांग्रेस ने अपने शासन वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस योजना तैयार करने को कहा है। पार्टी का फोकस शिक्षा व्यवस्था में सुधार और राज्य स्तर पर अपनी नीतियों को मजबूत करने पर रहेगा।
कांग्रेस ने हल्द्वानी में हुई घटना को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह स्वीकार्य नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 13 बार सदन के सदस्य रह चुके पार्टी अध्यक्ष के साथ ऐसा व्यवहार संघ की 'उच्च जातीय मानसिकता' को दिखाता है। पार्टी ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे माफी मांगने की मांग की है।