19 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जिन्ना की बीमारी छिपाने का मिला सम्मान? मुंबई के 2 डॉक्टरों को पाकिस्तान देगा ‘निशान-ए-इम्तियाज’

Jinnah Secret: मुंबई के पारसी समुदाय के दो डॉक्टरों को मुहम्मद अली जिन्ना की बीमारी का राज छिपाने के लिए पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-इम्तियाज़’ के लिए नामित किया गया है।
2 min read
Google source verification
Pakistan Highest Civilian Award

दो भारतीय डॉक्टरों को पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक 'निशान-ए-इम्तियाज़' सम्मान, photo credit: AI

Pakistan Civilian Awards: मुंबई के पारसी समुदाय के दो डॉक्टरों को पाकिस्तान ने देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'निशान-ए-इम्तियाज़' से सम्मानित करने की घोषणा की है। इन्होंने मुहम्मद अली जिन्ना की लाइलाज बीमारी का राज छिपाए रखा था।

न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान द्वारा 14 अगस्त को नागरिक और सैन्य सम्मानों के लिए नॉमिनेशन की घोषणा के बाद, प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इक़बाल ने X पर एक पोस्ट में इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "अवार्ड्स कमिटी के चेयरमैन के तौर पर, मुझे दो बेहतरीन डॉक्टरों को 'निशान-ए-इम्तियाज' के लिए नॉमिनेट करने का मौका मिला है। ये दोनों मुंबई के पारसी समुदाय से हैं और इन्होंने कायद-ए-आज़म मुहम्मद अली जिन्ना की लाइलाज बीमारी का राज छिपाकर रखा।"

पाकिस्तान दिवस पर सम्मान समारोह

उन्होंने कहा। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इकबाल ने उन दो डॉक्टरों के नाम बताए लेकिन इसका इसका खुलासा नहीं किया कि उनकी तरफ से अवॉर्ड कौन लेगा। पाकिस्तान आजादी के दिन, यानी 14 अगस्त को अपने राष्ट्रीय नागरिक और सैन्य पुरस्कारों की घोषणा करता है। ये सम्मान औपचारिक रूप से पाकिस्तान दिवस, यानी 23 मार्च को राष्ट्रपति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में दिए जाते हैं।

जिन्ना को टीबी (तपेदिक) थी, जिसका उस समय कोई इलाज नहीं था, और बंटवारे के बाद पाकिस्तान बनने के एक साल बाद उनकी मौत हो गई। उन्हें पाकिस्तान का राष्ट्रपिता माना जाता है। 1998 में पाकिस्तान सरकार दिलीप कुमार को 'निशान-ए-इम्तियाज' से सम्मानित कर चुकी है।

डॉक्टरों के नाम का खुलासा

जिन्ना को टीबी (तपेदिक) थी, जिसका उस समय कोई इलाज नहीं था, और बंटवारे के बाद पाकिस्तान बनने के एक साल बाद उनकी मौत हो गई। उन्हें पाकिस्तान का राष्ट्रपिता माना जाता है। 1998 में पाकिस्तान सरकार दिलीप कुमार को 'निशान-ए-इम्तियाज' से सम्मानित कर चुकी है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सरकार इन दो डॉक्टरों - डॉ. जल रतनजी पटेल और डॉ. जल दैबू - को मरणोपरांत 'निशान-ए-कायद-ए-आजम' से सम्मानित करेगी।इकबाल ने इसका खुलासा नहीं किया कि उनकी तरफ से अवॉर्ड कौन लेगा। पाकिस्तान आजादी के दिन, यानी 14 अगस्त को अपने राष्ट्रीय नागरिक और सैन्य पुरस्कारों की घोषणा करता है। ये सम्मान औपचारिक रूप से पाकिस्तान दिवस, यानी 23 मार्च को राष्ट्रपति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में दिए जाते हैं।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग