
Congress: केरल में विधानसभा चुनाव जीतने और कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही 2027 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदल सकती है। इसके साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में भी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का पुनर्गठन होने की संभावना है।
दरअसल, सबसे बड़ा बदलाव पंजाब में देखने को मिल सकता है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है, इससे पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बदला जा सकता है। माना जा रहा है कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की जगह चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
हालिया निकाय चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद राज्य इकाई में गुटबाजी और तेज हो गई है। इसलिए पार्टी नहीं चाहती है कि विधानसभा चुनाव से पहले कोई और गुटबाजी सामने आए।
कांग्रेस छह राज्यों तक में प्रदेश अध्यक्ष बदल सकती है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है, जबकि राजस्थान और चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में भी नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा चल रही है।
केरल में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सरकार का गठन किया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ को मंत्री बनाया गया। अब पार्टी सनी जोसेफ की जगह नए चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपना चाहती है, जिसमें सांसद कोडिकुन्निल सुरेश, बेनी बेहानन, एंटो एंटनी, यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश और वरिष्ठ नेता जोसेफ वझक्कन के नाम चर्चा में हैं। यहां जातीय और सामुदायिक समीकरण भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई को भी बदले जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान उनके कामकाज के तरीके से खुश नहीं है। इसके अलावा कर्नाटक में डीके शिवकुमार सीएम बनने जा रहे हैं। अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ सकते हैं।
कर्नाटक में भी कांग्रेस डीके शिवकुमार की जगह नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि मंत्री सतीश जारकीहोली को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, जबकि बीके हरिप्रसाद का नाम भी चर्चा में है।
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के भविष्य पर भी मंथन जारी है। पार्टी नेतृत्व दोनों राज्यों में संगठन को नई दिशा देने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
आंध्र प्रदेश में भी बदलाव संभव है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला को कर्नाटक से राज्य सभा भेजे जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि पार्टी में शामिल होने के समय कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें यह आश्वासन दिया था।
इस बीच गोवा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में गिरीश चोडणकर की दोबारा नियुक्ति को लेकर राज्य इकाई में असंतोष की खबरें सामने आई हैं। गोवा में भी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश इकाइयों के अलावा कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा फेरबदल हो सकता है। कई राज्यों के प्रभारियों के प्रदर्शन से पार्टी आलाकमान खुश नहीं है। इन संभावित बदलावों पर हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच बैठक हुई थी और इस मुद्दे पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी संगठन में नए चेहरों को आगे लाने के पक्ष में हैं।