लोकसभा ने गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारंपरिक जवाब के पास कर दिया। यह 2004 के बाद पहली बार हुआ। साथ ही खुलासा हुआ कि कांग्रेस ने पीएम मोदी पर शारीरिक हमले की योजना बनाई थी, जिसमें महिला सांसदों को कवर के रूप में इस्तेमाल करने का इरादा था, लेकिन प्लान विफल हो गया।
लोकसभा ने गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारंपरिक जवाब के बिना ही पास कर दिया। साल 2004 के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि पीएम के जवाब के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को लोकसभा में पास कर दिया गया है।
इस बीच एक और बड़ी बात सामने आई है। न्यूज एजेंसी 'एएनआई' ने दावा किया है कि कांग्रेस सांसद लोकसभा में पीएम मोदी पर शारीरिक रूप से हमला करने की योजना बना रहे थे। इसके लिए महिला सांसदों को कवर के तौर पर भेजा गया था। हालांकि, उनका प्लान फेल हो गया।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के संसद में मौजूद होने और लोकसभा को संबोधित करने के लिए उपलब्ध होने के बावजूद स्पीकर ने सदन को स्थगित करने का फैसला किया। यही वजह रही कि कांग्रेस सांसदों का प्लान पूरी तरह से फेल हो गया।
हालांकि, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस दावे को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह बकवास बात है। उन्होंने सरकार पर स्पीकर के पीछे प्रधानमंत्री को बचाने का आरोप लगाया और सवाल किया कि संसद में लगातार विपक्षी विरोध प्रदर्शनों के बीच ट्रेजरी बेंच के पास खड़ी महिला सांसदों का मुद्दा क्यों बनाया गया।
आज भी यानी कि गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के कारण बार-बार बाधित हुई। इसी बीच, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ध्वनि मत शुरू किया, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निचले सदन में संबोधन के बिना ही प्रस्ताव पास हो गया।
पीएम मोदी से कल राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने की उम्मीद थी, लेकिन विपक्षी सदस्यों द्वारा बार-बार व्यवधान और नारेबाजी के कारण स्पीकर ने लोकसभा को स्थगित कर दिया।
प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल सकते हैं। इस बीच, निलंबित कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने जोर देकर कहा कि जब तक लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपने विचार रखने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में बोलने नहीं देगा।
टैगोर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पास करने के लिए लोकसभा की निंदा की। उन्होंने कहा- मुझे राज्यसभा के बारे में नहीं पता। मैं एक निलंबित लोकसभा सदस्य हूं। मुझे बस इतना पता है कि हम कैसे काम करते हैं, लेकिन जब तक विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक प्रधानमंत्री को बोलने नहीं दिया जाएगा।