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Parliament Session 2026: ‘राहुल गांधी से कह दीजिये कि…’, खरगे को सदन में केंद्रीय मंत्री ने कह दिया साफ-साफ

राज्यसभा में बजट सत्र के दौरान जमकर हंगामा हुआ। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को निशाना बनाते हुए कहा कि वे राहुल गांधी को सदन की स्थापित प्रक्रियाओं का पालन करने की सलाह दें। रिजिजू ने ऊंगली दिखाकर खरगे को सीधे संबोधित किया।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 05, 2026

राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे। (फोटो- ANI)

बजट सत्र के दौरान आज राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को समझाने की बात कही।

रिजिजू ने ऊंगली दिखाते हुए सीधे खरगे को संबोधित किया। सदन में उनकी वरिष्ठता का जिक्र करते हुए सुझाव दिया कि वे राहुल गांधी को स्थापित प्रक्रियाओं का पालन करने की सलाह दें।

रिजिजू ने क्या कहा?

रिजिजू ने इस बात पर जोर दिया कि राज्यसभा के कामकाज में बाधा डालना इसके नियमों का उल्लंघन है और लोकसभा में लंबित मामलों पर उच्च सदन में बहस या चर्चा नहीं की जा सकती है।

रिजिजू ने सभी विपक्षी सदस्यों से संसद की परंपराओं और मर्यादा का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने बताया कि कई सदस्य प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के लिए उत्सुक थे। उन्होंने कहा कि भले ही कांग्रेस सदस्य न सुनना चाहें, लेकिन उन्हें दूसरों को ऐसा करने से रोकने का कोई अधिकार नहीं है।

नियमों का पालन नहीं कर रहे राहुल

केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से राहुल गांधी की आलोचना की कि वे सदन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल बार-बार ऐसे किताब का हवाला देकर हंगामा खड़ा कर रहे हैं, जो प्रकाशित नहीं हुई है।

रिजिजू ने कहा कि राहुल के हंगामे ने निचले सदन की कार्यवाही को बार-बार बाधित किया है। इसके चलते लोकसभा को स्थगित भी करना पड़ा है। जिससे प्रधानमंत्री वहां अपना अपेक्षित जवाब नहीं दे पाए।

जवाब में खरगे ने क्या कहा?

इसके जवाब में, मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा अध्यक्ष से विशेष अनुमति मिलने के बाद लोकसभा के उस फैसले की निंदा की जिसमें राहुल गांधी को सदन में पूरी तरह से बोलने से प्रतिबंधित किया गया था।

कांग्रेस प्रमुख खरगे ने राष्ट्रीय हित के मामलों पर चर्चा करने की सीमाओं पर चिंता जताई। साथ ही सवाल किया कि ऐसी बाधाओं के तहत संसद प्रभावी ढंग से कैसे काम कर सकती है।

जवाब के बाद सांसदों ने काटा बवाल

उनकी टिप्पणियों से सांसदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने चैंबर में नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

विपक्ष का साफ कहना था कि विपक्ष के नेता को अपनी बात पूरी करने से रोकना सार्थक बहस और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करता है।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने सुचारू कामकाज के लिए सभी पक्षों से नियमों का पालन करने की जरूरत दोहराई, जबकि खरगे और उनके सहयोगियों ने महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने के लिए अपने रुख का बचाव किया।