
Congress Emergency Meeting: सियासी गलियारे में हलचल देखने को मिली है। कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देशभर के वरिष्ठ नेताओं, महासचिवों, राज्य प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को अर्जेंट मीटिंग के लिए दिल्ली बुलाया है। 11 जून को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में होने वाली यह आपात बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। हाल के दिनों में कई राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। ऐसे समय में कांग्रेस नेतृत्व की यह बैठक पार्टी की दिशा और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हाल ही में दिल्ली में हुई इंडिया ब्लॉक की मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष की रणनीति साफ कर दी थी। तब उन्होंने कहा था कि सभी विपक्षी दल अब पहले से ज्यादा मजबूती के साथ जनता के मुद्दों को उठाएंगे और सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरेंगे। गठबंधन पांच अहम मुद्दों पर सहमत हुआ है और आगे की लड़ाई मिलकर लड़ी जाएगी। बता दें बैठक में करीब 25 विपक्षी दल शामिल हुए। जबकि डीएमके, टीवीके और आप ने इंडिया ब्लॉक मीटिंग से दूरी बनाए रखी।
खरगे ने नीट पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय बताया। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों की मेहनत और सपने प्रभावित हो रहे हैं। इसी वजह से इंडिया ब्लॉक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। विपक्ष का आरोप है कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को सही तरीके से संभालने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि मॉनसून सत्र में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा।
इसके अलावा बैठक में महंगाई, बेरोजगारी और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर देशव्यापी अभियान चलाने का फैसला लिया गया। साथ ही एसआईआर प्रक्रिया और मतदान अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने की बात कही गई। यह भी तय हुआ कि इंडिया ब्लॉक की बैठक हर दो महीने में होगी और अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
बता दें इंडिया ब्लॉक की सोमवार को हुई बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उमर अब्दुल्ला समेत कई बड़े लीडर नजर आए। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि खड़गे की अगुवाई में होने वाली इस 11 जून की बैठक से कांग्रेस क्या नया संदेश और राजनीतिक रोडमैप लेकर सामने आती है।