
Supreme Court March: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर दिल्ली में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमाने के संकेत मिल रहे हैं। कल हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं के साथ कथित मारपीट को लेकर कांग्रेस ने सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूरे देश से कल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक मार्च करने की अपील की है।
इस मार्च के जरिए वोट चोरी के आरोपों, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी। कांग्रेस ने युवाओं, विपक्षी दलों और लोकतंत्र समर्थक संगठनों से साथ आने की अपील की है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में वोट चोरी को रोकना, SIR पर रोक लगाना और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना शामिल है। पार्टी ने कहा है कि वह देश की ओर से मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपेगी। इन मांगों के जरिए कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही का मुद्दा उठाना चाहती है।
साथ ही राहुल गांधी ने अपने एक्स पोस्ट पर साझा किए वीडियों में सभी विपक्षी दलों, देश के युवा, सिविल सोसाइटी, लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले और भारत के संविधान के साथ खड़े सभी लोगों से इस मार्च में आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की इस घड़ी में सभी पार्टी, महिला-पुरुष, जाति, समुदाय और राज्य की हर दीवार से ऊपर उठकर, हम सब एक साथ चलेंगे।
कल के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध कर रहे युवाओं को पुलिस और बीजेपी से जुड़े लोगों ने पीटा। राहुल ने इस घटना की आलोचना करते हुए कहा कि वह ऐसा भारत नहीं चाहती, जहां शांतिपूर्ण विरोध करने वालों के साथ हिंसा हो। राहुल ने एक बार फिर से नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोभाल, ज्ञानेश कुमार और मोहन भागवत का नाम लेते हुए कहा कि वे देश की आवाज को दबा नहीं सकते।
राहुल गांधी के इस संदेश के बाद दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से चल रहे प्रदर्शनों को और बल मिल सकता है। इस मार्च में पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर भारतीय नागरिकों के रूप में शामिल होने की अपील की गई है। राहुल ने इस कार्यक्रम को लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने का माध्यम बताया है।