Coronavirus In West Bengal कोरोना की तीसरी लहर की आहट के बीच ममता बनर्जी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, 30 सितंबर तक बढ़ाई गई पाबंदियां
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus In West Bengal ) से जंग के बीच राज्य सरकारें लगातार कड़े कदम उठा रही हैं। खास तौर पर तीसरी लहर की आहट के बीच किसी भी तरह की लापरवाही की के मूड में नहीं हैं। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee ) सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है।
राज्य में लगी कोरोना पाबंदियों (Corona Restrictions) को 30 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथ-साथ रात 11 बजे से सुबह 5 बजे नाइट कर्फ्यू (Night curfew) भी लागू रहेगा।
प्रदेश सरकार की ओर से बुधवार को जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है, हालांकि इस अधिसूचना में राज्य में लोकल ट्रेन चलाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
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दरअसल कोरोना संकट के बीच बंगाल में लोकल ट्रेनों के परिसंचालन पर रोक लगा दी गई थी, जिसे अब तक शुरू नहीं किया गया है। हालांकि ये पाबंदी 15 सितंबर को खत्म हो रही थी। ऐसे में सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में इसे आगे बढ़ाने को लेकर अलग से जिक्र नहीं है।
बंगाल में 30 सितंबर को तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हैं। इसके साथ ही त्योहार का सीजन शुरू हो रहा है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने पहले ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि आगामी त्योहारी सीजन के दौरान कोई बड़ी भीड़ एकत्र न हो। दरअसल इन सबके पीछे सबसे बड़ी वजह कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाएं हैं। जिसको लेकर अक्टूबर के महीने में पीक पर होने की संभावनाएं पहले ही जताई जा चुकी हैं।
50 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे शिक्षण संस्थान
सरकार की तरफ से जारी एक आदेश में कहा गया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग संस्थान 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोले जा सकते हैं। हालांकि इसके लिए भी शर्त रखी गई है कि परिसर को नियमित रूप से साफ किया जाए और अन्य कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
आदेश में कहा गया है कि मास्क पहनना, शारीरिक दूरी बनाए रखना और स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रोटोकॉल का हर समय पालन किया जाना चाहिए।
राज्य में पहले ही सार्वजनिक बसों, टैक्सियों, ऑटो रिक्शा को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति दी जा चुकी है, लेकिन अभी पर बंगाल में लोकल ट्रेन नहीं चल रहे हैं।
सरकारी और निजी दोनों कार्यालयों को भी 50 फीसदी के साथ काम करने की अनुमति दी गई है।