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तमिलनाडु के रामनाथपुरम तट पर लगेगी देश की पहली 3डी प्रिंटेड आर्टिफिशियल रीफ, समुद्री जैव विविधता को मिलेगा नया सहारा

तमिलनाडु के रामनाथपुरम तट पर देश की पहली 3डी प्रिंटेड आर्टिफिशियल रीफ स्थापित की जाएगी। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत शुरू इस परियोजना से समुद्री जैव विविधता, मछली आवास पुनर्स्थापन और तटीय मछुआरा समुदायों को बड़ा लाभ मिलेगा। यह पहल समुद्री पारिस्थितिकी संतुलन मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।

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Jun 22, 2026
Tamil Nadu news
(फोटो-X/@ICAR_CMFRI)

Tamil Nadu: तमिलनाडु के रामनाथपुरम तट के पास समुद्र में देश के पहले 3डी प्रिंटेड कृत्रिम रीफ (प्रवाल भित्ति) मॉड्यूल्स को स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के दूसरे चरण के तहत समुद्री आवास पुनर्स्थापन की महत्वाकांक्षी पहल है। इस पायलट परियोजना में छह नए रीफ डिजाइन का मूल्यांकन होगा, जिन्हें अत्याधुनिक 3डी प्रिंटिंग तकनीक से विकसित किया गया है। इन मॉड्यूल्स का वजन लगभग एक टन है। इन्हें आइआइटी मद्रास की स्टार्टअप ट्वस्ता ने विशाखापत्तनम स्थित केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान के सहयोग से विकसित किया है। संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक के किजाकुदन ने बताया, 'अब तक हमारा उद्देश्य मछली आवास पुनर्स्थापन और तटीय समुदायों की मजबूती रहा है। ये नए मॉड्यूल्स संरचनात्मक जटिलता, अधिक सतह क्षेत्र और प्रजाति-विशिष्ट आवास डिजाइन की सुविधा देते हैं।

जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा


पारंपरिक रीफों की तुलना में ये नए मॉड्यूल्स लोहे के सुदृढीकरण के बिना बनाए गए हैं। इनमें जटिल आकृतियां, कई दरारें, तहें और संलग्न सतहें हैं, जिससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है। इन मॉड्यूल्स को तट से दो समुद्री मील दूर समुद्र में स्थापित किया जाएगा। इनकी सामग्री में नवाचार किए गए हैं, जिससे प्रवाल, स्पंज और अन्य समुद्री जीवों के लिए बेहतर आधार उपलब्ध होता है। इस पहल से तमिलनाडु में कई जिलों के मछुआरा समुदाय को लाभ मिलेगा। इस पहल से तमिलनाडु में कई जिलों के मछुआरा समुदाय को लाभ मिलेगा। भविष्य में इससे मछली भंडार में वृद्धि होगी और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को भी लाभ मिलेगा।

क्या है रीफ?


रीफ यानी प्रवाल भित्ति समुद्र के भीतर बनने वाला एक जटिल और अत्यंत महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है। यह लाखों छोटे समुद्री जीवों, विशेषकर प्रवालों, द्वारा निर्मित संरचना होती है। रीफ समुद्री मछलियों और अन्य जीवों को भोजन, आश्रय तथा प्रजनन के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराता है। समुद्री जैव विविधता को बनाए रखने में इसकी अहम भूमिका होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, दुनिया की लगभग 25 प्रतिशत समुद्री प्रजातियां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रीफ पर निर्भर हैं। रीफ तटीय क्षेत्रों को समुद्री लहरों और कटाव से भी बचाता है। समुद्री पारिस्थितिकी के संतुलन और मत्स्य संसाधनों की सुरक्षा के लिए रीफ का संरक्षण बेहद आवश्यक माना जाता है।

Published on:
22 Jun 2026 01:55 am