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NCB Operation Global Hunt: ड्रग नेटवर्क के खिलाफ NCB का नया दांव, रणनीति से विदेशों में बैठे आरोपी भारत पहुंचे

NCB Operation Global Hunt: NCB ने ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ के तहत विदेशों में मौजूद ड्रग नेटवर्क के कथित सरगनाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। अधिकारियों के मुताबिक चार हाई-प्रोफाइल आरोपियों को UAE, मलेशिया और अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है।
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भारत

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Harshul Mehra

Aug 15, 2026

ncb operation global hunt drug kingpins extradition

ड्रग नेटवर्क के खिलाफ NCB का नया दांव। फोटो सोर्स वीडियो ग्रैब X (@vishalpcbvisha1)

NCB Operation Global Hunt: भारत में नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने विदेशों में बैठे ड्रग सिंडिकेट के कथित सरगनाओं तक पहुंचने के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत किया है। अधिकारियों के मुताबिक, NCB ने ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ के तहत चार हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय ड्रग किंगपिन को ट्रैक कर भारत प्रत्यर्पित कराया है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र की कूटनीतिक पहल के जरिए अंतरराष्ट्रीय साझेदार देशों को दूसरे देशों में पनाह लिए बैठे ट्रांसनेशनल सिंडिकेट के प्रमुखों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों के बारे में समझाया गया है।

4 बड़े ड्रग आरोपियों का हुआ प्रत्यर्पण

‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ के तहत भारत लाए गए आरोपियों में वीरेंद्र सिंह बसोया, सलीम डोला, प्रभदीप सिंह और रितिक बजाज शामिल हैं। वीरेंद्र सिंह बसोया को 13,000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। उसे UAE से भारत प्रत्यर्पित किया गया। वहीं, दाऊद इब्राहिम से जुड़े प्रमुख सहयोगी बताए जाने वाले सलीम डोला को मलेशिया में गिरफ्तार किया गया और तुर्किये के रास्ते भारत लाया गया। प्रभदीप सिंह का अजरबैजान से और सीमा पार लॉजिस्टिक्स सप्लायर बताए गए रितिक बजाज का UAE से प्रत्यर्पण कराया गया।

विदेशों में बैठे सरगनाओं पर फोकस

अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जांच एजेंसियां स्थानीय स्तर पर काम करने वाले सप्लायर, बिचौलियों, डिस्ट्रीब्यूटर और डीलरों पर कार्रवाई कर रही हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए केवल देश के भीतर मौजूद नेटवर्क पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए विदेशों से पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करने वाले कथित सरगनाओं की पहचान करना और उन्हें भारत लाना भी जरूरी है।

NCB की ‘टॉप-टू-बॉटम’ रणनीति

NCB की रणनीति में एक तरफ विदेशों में बैठे कथित ड्रग किंगपिन की पहचान करना और दूसरी तरफ भारत में सक्रिय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ना शामिल है। टॉप-टू-बॉटम रणनीति के तहत जांचकर्ता विदेशों से ड्रग कारोबार को नियंत्रित करने वाले कथित मास्टरमाइंड की पहचान करते हैं। इसके लिए खुफिया सूचनाओं, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और इंटरपोल चैनलों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद इन लोगों के खिलाफ मामलों को मजबूत करने के लिए जांच आगे बढ़ाई जाती है।

‘बॉटम-टू-टॉप’ से स्थानीय नेटवर्क तक पहुंच

दूसरी तरफ बॉटम-टू-टॉप रणनीति भारत में सक्रिय नेटवर्क से शुरू होती है। स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर सप्लायर, बिचौलियों, डीलरों और लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों की पहचान की जाती है। इनकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं को डिजिटल फुटप्रिंट, वित्तीय लेनदेन और कम्युनिकेशन ट्रेल्स से जुड़ी जानकारी मिलती है। इन सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए मिड-लेवल हैंडलर, डिस्ट्रीब्यूटर, एंट्री-पॉइंट मैनेजर और आखिर में कथित कार्टेल बॉस तक पहुंचने की कोशिश की जाती है।

अलग-अलग मामलों को जोड़ने में मदद

अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया से अलग-अलग दिखाई देने वाली गिरफ्तारियों और नशीले पदार्थों की जब्ती को बड़े अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिली है। नेटवर्क की कड़ियों को ऊपर तक पहुंचाना चुनौती का एक हिस्सा है, जबकि असली सफलता तब मानी जाती है जब संबंधित आरोपियों को प्रत्यर्पित कर भारत लाया जाता है।

विदेशी सरकारों के साथ सहयोग बढ़ा

अधिकारियों का कहना है कि भारत की नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ मुहिम तेज होने के साथ विदेशी सरकारों का सहयोग भी बेहतर हुआ है। इसके पीछे लगातार की गई कूटनीतिक बातचीत, बेहतर खुफिया जानकारी साझा करना और संदिग्ध कार्टेल संचालकों के खिलाफ विस्तृत मामले तैयार करना प्रमुख कारक बताए गए हैं।

प्रत्यर्पण अनुरोधों के लिए जुटाए गए सबूत

NCB ने प्रत्यर्पण अनुरोधों को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त सबूत जुटाने पर भी ध्यान दिया है। इनमें वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और संगठित ड्रग तस्करी में आरोपियों की कथित भूमिका से जुड़ी जानकारी शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिली है। साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दूसरे देशों में ऐसे लोगों को पनाह देने से होने वाले नुकसान के बारे में भी समझाने की कोशिश की है।

नशीले पदार्थों के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश

अधिकारियों के अनुसार, हालिया जांच की सफलता नशीले पदार्थों के कारोबार को एक जुड़ी हुई श्रृंखला के तौर पर देखने में है। स्थानीय डीलर, लॉजिस्टिक्स सप्लायर, बिचौलिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठे कथित किंगपिन को अलग-अलग मामलों के तौर पर नहीं देखा जा रहा। NCB की टॉप-टू-बॉटम और बॉटम-टू-टॉप रणनीति के जरिए नेटवर्क को दोनों दिशाओं से ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है, ताकि बड़े ड्रग कार्टेल को खत्म किया जा सके।

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