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‘मैं मर गई तो मेरी बेटी का ध्यान कौन रखेगा’, तनाव में मां ने 13 साल की मासूम को उतारा मौत के घाट, फिर दी जान

बेंगलुरु में एक महिला ने मानसिक तनाव के चलते अपनी 13 वर्षीय बेटी की हत्या कर आत्महत्या कर ली। पुलिस अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है।
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Apr 15, 2026
Crime News
प्रतीकात्मक तस्वीर

कर्नाटक के बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 45 वर्षीय महिला ने अपनी 13 साल की बेटी की हत्या करने के बाद खुद आत्महत्या कर ली। यह घटना सोमवार को व्हाइटफील्ड इलाके के इम्मादिहल्ली स्थित उनके घर में हुई, जिसका खुलासा अगले दिन हुआ। मृतकों की पहचान सुवर्णा चंद्रशेखर और उनकी बेटी तरुण्या चंद्रशेखर के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कदम महिला ने मानसिक तनाव और पारिवारिक चिंताओं के चलते उठाया। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी पहलुओं को खंगाल रही है।

मौके से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

पुलिस जांच के अनुसार, सुवर्णा ने अपनी बेटी का मुंह तकिये से दबाकर उसे मार डाला और उसके बाद खुद पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। जांच अधिकारियों ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट या अन्य कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार के अनुसार, सुवर्णा पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में थीं। वह अक्सर अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंता जताती थीं और कहती थीं कि अगर उन्हें कुछ हो गया तो तरुण्या का ख्याल कौन रखेगा।

पुलिस कर रही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

यह घटना तब सामने आई जब सुवर्णा के पति चंद्रशेखर ने बार-बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर अपने छोटे भाई को घर भेजा। जब वह सुबह करीब 11 बजे घर पहुंचे और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा। अंदर का दृश्य बेहद डरा देने वाला था। उन्होंने देखा कि सुवर्णा पंखे से लटकी हुई थीं, जबकि तरुण्या बिस्तर पर मृत पड़ी थी। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।

घटना से एक रात पहले परिवार गया था रेस्टोरेंट

जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले परिवार ने सामान्य दिन बिताया था। पुलिस के अनुसार, सभी ने घर पर क्रिकेट मैच देखा और बाद में डिनर के लिए एक रेस्टोरेंट गए थे। एक जांच अधिकारी ने बताया, डिनर के बाद सुवर्णा ने अपने पति से कहा था कि वह थकी हुई हैं और अगले दिन नाश्ता नहीं बना पाएंगी। इसके बाद चंद्रशेखर अलग कमरे में सो गए और सुबह काम पर चले गए। सुवर्णा को अपने पति की सेहत को लेकर भी चिंता थी, क्योंकि उन्हें दिल से जुड़ी समस्या थी। पुलिस का मानना है कि इन सभी कारणों ने मिलकर महिला को मानसिक रूप से कमजोर कर दिया, जिससे उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

Updated on:
15 Apr 2026 09:53 am
Published on:
15 Apr 2026 09:53 am