बेंगलुरु की फॉक्सकॉन फैक्ट्री में एक 19 वर्षीय कर्मचारी ने टॉयलेट में बच्चे को जन्म देने के बाद उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कर्नाटक के बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक किशोरी ने एक फैक्ट्री के बाथरूम में पहले बच्चे को जन्म दिया और फिर उसका गला काटकर उसे कचरे की थैली में डालकर वहां से फरार हो गई। यह मामला देवनहल्ली स्थित फॉक्सकॉन की फैक्ट्री में सामने आया है, जो कि शहर में एप्पल का शीर्ष आईफोन असेंबलर है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने नवजात के शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी मां की पहचान 19 वर्षीय रेनुका के रूप में हुई है। रेनुका आईफोन की फैक्ट्री में काम करती थी, वहीं बुधवार को काम करने के दौरान जब वह टॉयलेट गई तो उसने अचानक बच्चे को जन्म दे दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, रेनुका अचानक प्रसव हुआ और इससे पहले की वह इसकी जानकारी किसी को दे पाती उसने अचानक बच्चे को जन्म दे दिया। लेकिन बच्चे के जन्म के बाद भी रेनुका ने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी, बल्कि अपने नवजात की हत्या करने का फैसला लिया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, रेनुका की शादी नहीं हुई है और इसी के चलते शायद बच्चे के जन्म पर उसने शर्म के कारण उसे रास्ते से हटाने का फैसला लिया। रेनुका ने पहले अपने नवजात का गला काटा और फिर उसके शव को एक बैग में भरकर मौके से फरार हो गई। इसके कुछ देर बाद जब फैक्ट्री में काम करने वाली एक अन्य महिला कर्मचारी टॉयलेट गई तब उसे बाथरूम की स्थिति देख कर शक हुआ और उसने फैक्ट्री प्रशासन को मामले की जानकारी दी।
मामला सामने आने के बाद फैक्ट्री में सनसनी फैल गई और बाथरूम में रखे बैग की जांच की गई। जांच के दौरान थैली में बच्चे का शव मिला जिसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे के शव को कब्जे में लिया गया। इसके साथ ही बाथरूम से भी सभी आवश्यक सबूत जुटाए गए। प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई कि बच्चे की हत्या जन्म के बाद की गई थी। इसके बाद पुलिस ने फैक्ट्री कर्मचारियों से पूछताछ कर आरोपी महिला की पहचान की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी महिला अविवाहित थी और उसने सामाजिक शर्म और कलंक के डर से यह कदम उठाया हो सकता है। फिलहाल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस घटना ने न केवल फैक्ट्री प्रबंधन बल्कि समाज में भी मानसिक स्वास्थ्य, जागरूकता और सहायता प्रणाली की जरूरत को उजागर किया है।