राष्ट्रीय

खालिस्तानी साजिश के आरोपी को बड़ी राहत, 2017 से जेल में बंद जगतार सिंह जोहल को मिली जमानत

Jagtar Singh Johal Bail: दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल को सात यूएपीए मामलों में जमानत दे दी है। जोहल पर खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) से जुड़ी सीमा पार साजिश और टारगेटेड किलिंग्स का आरोप है।
2 min read
Sep 18, 2026
Delhi High Court
दिल्ली हाई कोर्ट। (फोटो सोर्स- ANI)

दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल को सात यूएपीए मामलों में जमानत दे दी है। जोहल पर खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश और टारगेटेड किलिंग्स का आरोप है। पंजाब पुलिस ने उन्हें 2017 में गिरफ्तार किया था।

सीमा पार साजिश का मामला

पुलिस के मुताबिक, जोहल केएलएफ नामक संगठन से जुड़े थे। आरोप है कि इस संगठन ने भारत में कई टारगेटेड किलिंग्स की साजिश रची थी। इनमें हिंदू नेताओं, पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को निशाना बनाने की बात कही गई। जांच एजेंसियों ने इसे ट्रांसनेशनल कंस्पिरेसी यानी सीमा पार साजिश बताया।

अदालत ने क्या कहा?

जोहल पर यूएपीए के तहत कई मामले दर्ज किए गए थे। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने सात मामलों में जोहल को जमानत दे दी है। अदालत ने शायद इस बात पर गौर किया कि वे लंबे समय से हिरासत में हैं। जमानत की शर्तों के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। लेकिन फैसला आते ही यह खबर चर्चा में आ गई।

खालिस्तानी कनेक्शन का दावा

पुलिस के अनुसार, जोहल पर आरोप है कि उन्होंने विदेश से बैठकर साजिश रची। केएलएफ को खालिस्तान समर्थक संगठन माना जाता है। आरोपों में कहा गया कि कई हत्याओं का प्लानिंग जोहल और उनके साथियों ने किया।

पंजाब में 2016-17 के आसपास हुई कुछ हत्याओं को इनसे जोड़ा गया था। हालांकि, जोहल ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनके समर्थक दावा करते हैं कि वे निर्दोष हैं और राजनीतिक कारणों से उन्हें फंसाया गया।

लंबी कानूनी लड़ाई

लगभग नौ साल जेल में रहने के बाद जोहल को यह जमानत मिली है। यूएपीए के मामले आमतौर पर सख्त होते हैं। ऐसे मामलों में जमानत मिलना आसान नहीं होता। अदालत ने सबूतों और अन्य पहलुओं को देखते हुए यह फैसला लिया होगा। अब जोहल को जमानत की शर्तों का पालन करना होगा।

पुलिस और जांच एजेंसियां कर सकती हैं अपील

जमानत मिलने के बाद जोहल की रिहाई की प्रक्रिया शुरू होगी। लेकिन मुकदमे अभी चल रहे हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां अपील कर सकती हैं। यह मामला भारत-ब्रिटेन संबंधों और खालिस्तान मुद्दे से भी जुड़ा रहा है। ब्रिटिश सरकार पहले भी उनके मामले में दिलचस्पी दिखा चुकी है।

Updated on:
18 Sept 2026 11:52 am
Published on:
18 Sept 2026 11:52 am
Also Read
View All
Sudhanshu Trivedi on Rahul Gandhi : राहुल गांधी के पोस्ट पर भाजपा का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी बोले-कांग्रेस राजनीति की भस्मासुर

Ravneet Singh Bittu Convoy Attack: रवनीत बिट्टू के काफिले पर हमले पर भड़के राघव चड्ढा, बोले-‘घबराई हुई है AAP सरकार’

‘मैनें सिर्फ हत्या की’, 16 साल की लड़की के साथ सामूहिक ज्यादती-मर्डर मामले में नया मोड़, 4 आरोपियों में एक का बड़ा कबूलनामा

‘मुझे कुछ हुआ तो पंजाब CM और DGP जिम्मेदार होंगे’, काफिले पर हमले का आरोप लगाकर बोले बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू

‘2007 से 2017 तक किसने पंजाब को नशे में धकेला?’, BJP की नशा मुक्ति यात्रा पर सिसोदिया का हमला, बोले- हमने वादों से ज्यादा काम किया