
Pappu Yadav Security: दिल्ली हाई कोर्ट ने बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की सुरक्षा बढ़ाने के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि सुरक्षा समीक्षा पर अंतिम निर्णय होने तक अंतरिम उपाय के तौर पर तुरंत एक अतिरिक्त पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) उपलब्ध कराया जाए।
जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने यह आदेश तब पारित किया जब केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि सुरक्षा समीक्षा रिपोर्ट पर तीन सप्ताह के भीतर निर्णय ले लिया जाएगा। वर्तमान में पप्पू यादव को बिहार में Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन उन्होंने पूरे देश में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है, जिसका कारण संसदीय सत्रों और देश भर में उनकी यात्राओं से जुड़े सुरक्षा जोखिम हैं।
सुनवाई के दौरान, पप्पू यादव का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत ने तर्क दिया कि संसद के बाहर किए गए एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन के बाद से सांसद को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले के संबंध में गृह मंत्रालय को एक लिखित अभ्यावेदन सौंपा गया था, लेकिन समय पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जो संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का उल्लंघन है।
इसके जवाब में, केंद्र सरकार के वकील आशीष दीक्षित ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि गृह मंत्रालय अभ्यावेदन पर विचार कर रहा है और अंतरिम व्यवस्था की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता और खतरे के स्तर को देखते हुए, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि पप्पू यादव एक जन प्रतिनिधि और सांसद हैं। केंद्र सरकार को उनकी सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। यह तर्क नहीं दिया जा सकता कि उन पर हुआ हमला मनगढ़ंत था।
कोर्ट में दायर याचिका में, पप्पू यादव ने अपनी जान को खतरे का विवरण दिया और हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि 1 अगस्त को एक सार्वजनिक घोषणा की गई थी जिसमें उन्हें मारने या उनका सिर काटने वाले किसी भी व्यक्ति को 51 लाख रुपये का इनाम देने की पेशकश की गई थी।
इसके बाद 2 अगस्त की सुबह दिल्ली स्थित उनकी सांसद पत्नी (रंजीत रंजन) के आधिकारिक आवास के बाहर असामाजिक तत्वों की भीड़ जमा हो गई, जहां उन्हें धमकियां दी गईं। उसी दिन दोपहर में, जब पप्पू यादव अपने दिल्ली आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे, तो एक व्यक्ति ने उन पर चप्पल फेंकी। जब मौके पर मौजूद समर्थकों ने आरोपी को पकड़ा, तो उसके पास से एक तेज चाकू मिला, जिससे उन पर हमले की साजिश का पता चला।
पप्पू यादव का कहना है कि सांसद होने के नाते उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में जाना पड़ता है, लेकिन बिहार के बाहर 'Y+' सुरक्षा कवर न होने से उनकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद, गृह मंत्रालय तीन हफ़्ते के अंदर उनकी सुरक्षा की समीक्षा के बारे में अंतिम आदेश जारी करेगा।