
दिल्ली में शराब बिक्री को लेकर बनाई गई एक्साइज पॉलिसी को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और आप सरकार के बीच एक एक बार फिर तना-तनी देखने को मिल रही है। दरअसल उपराज्यपाल ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए एक्साइज पॉलिसी की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। इसमें शराब के दुकानों के टेंडर में गड़बरी का आरोप है। बताया जा रहा है कि नई आबकारी नीति में नियमों की अनदेखी कर टेंडर दिए गए। वहीं एलजी के एक्शन के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से भी पलटवार किया गया है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि, मोदी सरकार के इशारों पर ये सब हो रहा है। मोदी सरकार मनीष सिसोदिया को फंसाना चाहती है।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने यह कदम चीफ सेक्रेटरी की रिपोर्ट के बाद उठाया है। एलजी के इस एक्शन के बाद आम आदमी पार्टी भी तुरंत एक्शन में आई और सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलजी को मोदी सरकार के इशारे पर काम करने वाला बताया।
इस मामले में दोपहर में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने पहले ही एलजी की ओर से इस तरह के कदम उठाए जाने का आशंका भी जताई थी। मिली जानकारी के मुताबिक, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के बाद सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नई एक्साइज पॉलिसी में नियमों की अनदेखी कर टेंडर दिए गए है। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने बीते वर्ष अपनी नई आबकारी नीति लागू की थी। इसके तहत निजी संचालकों को ओपन टेंडर से खुदरा शराब बिक्री के लाइसेंस जारी किए गए।
नई पॉलिसी के तहत राजधानी के 32 जोन में कुल 850 में से 650 दुकाने खुल भी चुकी हैं। दिल्ली सरकार का कहना था कि नई नीति से सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
यह भी पढ़ें - सावधान... दिल्ली की सस्ती शराब के चक्कर पड़े तो जब्त हो जाएगा वाहन और खानी होगी जेल की हवा