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दिल्ली में मस्जिद गिराने के दावे का बीजेपी ने किया खंडन, INDIA अलायंस को बताया ‘रावलपिंडी गठबंधन’

दिल्ली की मशहूर फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद गिराने के दावे का खंडन करते हुए बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे झूठा और प्रोपेगेंडा फैलाने वाला बताया है।
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Jan 09, 2026
BJP spokesperson Shahzad Poonawala
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला (फोटो- एएनआई)

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित ऐतिहासिक फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई तोड़फोड़ को लेकर इन दिनों काफी विवाद चल रहा है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर मस्जिद गिराने का आरोप लगा रहा है। अब इस मामले में बीजेपी की प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया है कि विपक्षी गठबंधन और पाकिस्तान के प्रवक्ता एक ही बात कर रहे हैं। पूनावाला ने इसके लिए विपक्ष की आलोचना करते हुए INDIA अलायंस को 'रावलपिंडी गठबंधन' बताया है।

विपक्ष के आरोपों को बनावटी और झूठा बताया

भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष के आरोपों को बनावटी, झूठा प्रचार और भड़काने वाला बताते हुए इनका खंडन किया है और इस बात पर जोर दिया है कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। बता दें कि यह विवाद दिल्ली नगर निगम के एक अभियान से जुड़ा है। इस अभियान के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर एमसीडी ने मस्जिद के पास बने अवैध व्यावसायिक निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की थी। इन अवैध निर्माणों में एक डायग्नोस्टिक सेंटर और एक वेडिंग हॉल शामिल था, जो कि बिना अनुमति के मस्जिद के पास बनाए गए थे।

मस्जिद पूरे सम्मान के साथ अपने पुराने स्वरूप में है

दिल्ली सरकार के मंत्रियों और पुलिस अधिकारी यह कई बार साफ कर चुके हैं कि इस कार्रवाई के दौरान मस्जिद को छुआ तक नहीं गया है और वह पूरे सम्मान के साथ अपने पहले के स्वरूप में मौजूद है। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा, फैज-ए-इलाही मस्जिद सुरक्षित हैं और इस धार्मिक इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने सरकार पर मस्जिद तोड़ने का आरोप लगाया।

यह एक सोची-समझी साजिश

इस मामले पर बयान देते हुए पूनावाला ने कहा, यह साफ है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत झूठी कहानी फैलाई गई है। उन्होंने साफ किया कि जो कदम उठाया गया वह सिर्फ अवैध कब्जे को हटाने के लिए था और पूरी तरह कानून के दायरे में था। कुछ लोगों ने जानबूझकर इसे धार्मिक स्थल पर किए गए हमले की तरह पेश किया है ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके। पूनावाला ने आगे कहा, फैज़-ए-इलाही मस्जिद को गिराने का जो झूठ और प्रोपेगेंडा फैलाया गया था वह मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए था। उन लोगों की सच्चाई अब सबके सामने आ गई है।

Published on:
09 Jan 2026 10:42 am