राष्ट्रीय

जंतर-मंतर पर युवक के घायल होने का सच आया सामने, दिल्ली पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान युवक के घायल होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक किया। पुलिस ने हथियार से चोट लगने के दावे को खारिज कर बताया कि चोट कड़े से लगी थी।
2 min read
• •
Updated: 3 Sep 2026, 11:07 PM IST
Jantar Mantar Protest
CJP प्रदर्शन के दौरान युवक के घायल होने के मामले का खुलासा, photo credit: IANS

Delhi Police Fact Check: बीते जून माह में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के घायल होने की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक किया है। डीसीपी नई दिल्ली के आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस मामले में विस्तृत जानकारी देते हुए पोस्ट किया गया है।

डीसीपी नई दिल्ली ने पोस्ट में बताया, 23 जून को जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार (38) के सिर पर चोट लग गई। यह चोट हाथापाई के समय कथित आरोपियों में से एक द्वारा पहने गए कड़े से लगी थी।

हथियार का नहीं हुआ इस्तेमाल

पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं हुआ था। मेडिकल जांच के हवाले से डीसीपी ने बताया, "आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच की और बताया कि चोटें मामूली थीं। ये चोटें कड़े से लगी थीं, न कि किसी हथियार से। खोपड़ी में दरार की गलत जानकारी तथ्यों या एमएलसी से मेल नहीं खाती और पूरी तरह से बेबुनियाद है।"

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी साझा की। डीसीपी के अनुसार, घायल संजय कुमार के बयान के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने आरोप किए खारिज

पुलिस ने बताया, "उन्हें घटनास्थल से हिरासत में लिया गया और जांच के दौरान, सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को कानून के अनुसार नोटिस जारी किए गए और उनसे पूछताछ की गई। उचित कानूनी कार्रवाई की गई है और जल्द ही सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।"

सोशल मीडिया पर इस मामले में अनुचित प्रभाव और पुलिस पर दबाव के लग रहे आरोपों को भी डीसीपी नई दिल्ली ने सिरे से खारिज कर दिया है। पोस्ट में कहा गया है, इस मामले में किसी भी तरह के अनुचित प्रभाव या दखल का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत और बेबुनियाद है। इस मामले में कानून और प्रक्रियाओं के अनुसार सख्ती से कार्रवाई की गई है।

Updated on:
3 Sep 2026, 11:07 PM IST
Published on: