
स्मृति ईरानी और पीएम मोदी अपनी मां के साथ (फोटो सोर्स- Instagram/timesnow)
Smriti Irani Emotional On PM Modi: अभिनेत्री से राजनेता बनीं स्मृति ईरानी ने एक हालिया इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कीं। सरकार के खिलाफ बन रही धारणा और प्रधानमंत्री पर लगातार हो रहे राजनीतिक हमलों से जुड़े सवाल पर स्मृति ईरानी भावुक नजर आईं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संबंधों को एक अलग भावनात्मक नजरिए से समझाने की कोशिश की।
स्मृति ईरानी ने टाइम्स नाउ की नविका कुमार के साथ बातचीत में कई राजनीतिक और निजी मुद्दों पर बात की। इसी दौरान उनसे पूछा गया कि सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार आलोचना देखने को मिल रही है। खास तौर पर युवा पीढ़ी और जेन-जी के बीच सरकार को लेकर नाराजगी की चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे माहौल में क्या एक नेता के तौर पर स्मृति ईरानी की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और सरकार का बचाव करना है?
इस सवाल का जवाब देते हुए स्मृति ईरानी ने राजनीतिक तर्क से ज्यादा व्यक्तिगत भावनाओं को सामने रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन का संदर्भ देते हुए कहा कि एक तरफ कोई व्यक्ति निजी दुख से गुजर रहा हो और दूसरी तरफ उसे सार्वजनिक जिम्मेदारी निभानी पड़ रही हो, तो उस परिस्थिति को भी समझना चाहिए।
जवाब देते समय स्मृति ईरानी की आवाज और भावनाओं में बदलाव साफ दिखाई दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने पिता की उम्र के व्यक्ति के तौर पर संबोधित किया। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री के प्रति होने वाली व्यक्तिगत टिप्पणियों या हमलों को वह सिर्फ एक राजनीतिक बहस की तरह नहीं देखतीं।
स्मृति ने यह भी संकेत दिया कि उनके लिए प्रधानमंत्री का बचाव केवल राजनीतिक जिम्मेदारी का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसमें व्यक्तिगत सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पिता के समान उम्र वाले शख्स के खिलाफ कोई इस तरह आगे बढ़ता है कि बात निजी सीमा तक पहुंच जाए, तो वह उसे चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगी।
स्मृति ईरानी का यह बयान उस समय सामने आया है जब वह राजनीति के साथ-साथ एक बार फिर मनोरंजन की दुनिया में सक्रिय हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक सफर के एक बेहद कठिन दौर का भी जिक्र किया है।
अमेठी चुनाव में हार के बाद स्मृति ने बताया था कि वह उस जगह से कुछ समय के लिए दूर जाना चाहती थीं, जिसे उन्होंने लंबे समय की मेहनत से तैयार किया था। उनके मुताबिक चुनाव परिणाम उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद कठिन थे और उन्हें उस दौर से बाहर निकलने के लिए खुद को समय देना पड़ा।
राजनीतिक जीवन के साथ स्मृति ईरानी की पहचान टेलीविजन अभिनेत्री के तौर पर भी रही है। एकता कपूर के चर्चित धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बनाया था। अब इस शो के दूसरे सीजन के साथ उन्होंने लंबे अंतराल के बाद टीवी की दुनिया में वापसी की है।
चुनावी हार के बाद मनोरंजन जगत में दोबारा काम तलाशने से लेकर प्रधानमंत्री मोदी के बचाव तक, स्मृति ईरानी के हालिया बयानों से उनके राजनीतिक और निजी जीवन के कई पहलू सामने आए हैं। पीएम मोदी को लेकर दिया गया उनका भावुक बयान भी इसी वजह से चर्चा में है।
Updated on:
03 Sept 2026 09:00 pm
Published on:
03 Sept 2026 08:59 pm
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