Dengue In Delhi डेंगू का डंक लोगों के साथ-साथ प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा रहा है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहे हैं, दिल्ली में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अब तक 15 फीसदी मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, वहीं स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि बेड्स की कमी नहीं, लगातार नजर रखी जा रही है
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में भले ही कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का खतरा काफी कम हो चुका है, लेकिन डेंगू ( Dengue In Delhi ) और मलेरिया जैसे बीमारियों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। डेंगू का डंक लोगों के साथ-साथ प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा रहा है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का प्रकोप धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है।
नगम अस्पतालों ने इसके लिए अलग से मच्छरदानी वार्ड बनाया है और साथ ही बेड रिजर्व भी कर दिए हैं। हिंदू राव अस्पताल में भी मच्छरदानी वार्ड बनाए गए हैं। राजधानी डेंगू का पॉजिटिविटी रेट करीब 15 फीसदी तक बढ़ गया है।
नॉर्थ दिल्ली नगर निगम के बड़े अस्पताल हिंदू राव में मलेरिया से एक मरीज की मौत हो चुकी है। अस्पताल ने इसकी पुष्टि भी कर दी है।
अस्पताल में मलेरिया के 66 और डेंगू के 473 कन्फर्म केस हैं। हिंदू राव अस्पताल के डॉ हेमंत ने बताया पिछले साल के मुकाबले इस साल डेंगू के मामले में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उनकी मानें तो रात में सर्दी बढ़ने पर ही मच्छरों की तादात में कमी नहीं देखने को मिल रही है।
अस्पताल के मुताबिक, मलेरिया के 1973 सस्पेक्टेड और 66 कन्फर्म केस हैं। वहीं डेंगू के मामलों की बात करें तो 1278 संदिग्ध और 473 कन्फर्म केस अभी तक अस्पताल में रिपोर्ट किए गए हैं।
डॉक्टर हेमंत के मुताबिक डेंगू के मरीजों को मॉस्किटो नेट ( मच्छर दानी) में रखा गया है, ताकि किसी और को संक्रमण ना हो।
क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री?
इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ( Satyendra Jain ) ने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में भर्ती डेंगू के 221 मरीजों में से करीब 25 फीसदी दूसरे शहरों से आए हुए हैं।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि दिल्ली में डेंगू की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हॉस्पिलट में बेड्स की संख्या बढ़ा दी गई है। अब तक 723 केस दर्ज किए जा चुके हैं। दिल्ली सरकार की ओर से संचालित अस्पतालों में करीब 11,000 बिस्तर उपलब्ध हैं।
सरकार कर रही ये काम
डेंगू से बचाव के लिए दवा का छिड़काव और स्वच्छता अभियान नगर निगमों के हिस्से में है, फिर भी दिल्ली सरकार हालात पर नजर रखे हुए है। एहतियात के तौर पर केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के अस्पतालों में मच्छर के काटने से होने वाली बीमारियों के मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ा दी है