
Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र में अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के विलय को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात के बाद इस मुद्दे पर नए सिरे से चर्चा शुरू हुई है। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दोनों गुटों को अपने स्तर पर फैसला लेना है, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा होने के कारण वे इस बारे में सहयोगी दलों से सलाह जरूर करेंगे।
दो दिन पहले शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल का एक वीडियो सामने आया था। यह मुलाकात ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुई थी, जहां पटेल शरद पवार की तबीयत जानने पहुंचे थे। वीडियो में शरद पवार पटेल से 10 तारीख के बाद एक साथ बैठकर चर्चा करने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। इसके बाद से ही दोनों गुटों के फिर एक होने की अटकलें तेज हो गईं।
इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने भी विलय को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर अजित पवार आज जीवित होते तो दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियां एक साथ दिखाई देतीं। अजित पवार ने इस संबंध में उनसे बातचीत भी की थी। तटकरे के इस बयान ने विलय की चर्चा को और हवा दे दी।
फडणवीस ने कहा कि एक तरफ शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता हैं तो दूसरी तरफ सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेता हैं। विलय को लेकर क्या फैसला करना है, यह उन्हें ही तय करना है। हालांकि एनडीए के घटक दल होने के नाते वे इस फैसले पर हमसे चर्चा जरूर करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के किसी भी गुट ने इस मुद्दे पर उनसे बातचीत नहीं की है। अगर दोनों गुटों के बीच चर्चा चल रही है तो इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं दी गई है।
इस मुद्दे पर अन्य नेताओं ने भी अपनी राय रखी है। रोहित पवार ने कहा कि पटेल के कुछ काम बाकी हैं, इसलिए 11 तारीख के बाद मुलाकात होगी। मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि ऐसी मुलाकातें नए राजनीतिक संकेत देती हैं। वहीं, कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि शरद पवार एनडीए में शामिल नहीं होंगे, लेकिन राष्ट्रवादी के कुछ नेताओं की स्थिति ऐसी है कि वे दबाव में हैं।