
झारखंड प्रोटेस्ट में भूख हड़ताल के बाद हालत बिगड़ने के बाद रांची के सदर अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अब बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा- अगर आप मानते हैं कि मेरी सेहत बिगड़ रही है, तो मैं अपनी मर्जी से इलाज कराने के लिए आजाद हूं।
उन्होंने आगे कहा- अगर मुझे कुछ गंभीर हो जाए तो जिम्मेदारी मेरी होगी, अस्पताल की नहीं। मुझे यह आजादी है कि मैं जहां चाहूं इलाज करवाऊं। आखिरी सांस तक भी मैं गर्व से अपना राष्ट्रीय झंडा फहराना चाहता हूं।
यह बयान स्वतंत्रता दिवस के दिन आया जब वे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में तिरंगा यात्रा और झंडा फहराने के कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें अस्पताल से बाहर जाने से रोक दिया।
बता दें कि देवेंद्र नाथ महतो पिछले करीब दो हफ्ते से भूख हड़ताल पर हैं। जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन चल रहा है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान तबीयत और बिगड़ गई थी। उसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक ब्लड शुगर और प्रेशर कम चल रहा था, शरीर में पानी की कमी भी थी।
फिर भी उन्होंने साफ कहा कि इलाज का फैसला उनका अपना है। अस्पताल प्रशासन या पुलिस उनकी मर्जी के खिलाफ उन्हें रोक नहीं सकते। उन्होंने लिखित आदेश मांगा। बिना लिखित आदेश के रोकने पर एफआईआर दर्ज कराने की भी बात कही।
इस बीच, देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार और जनता से एक सवाल भी किया। उन्होंने पूछा- आज मैं भारत के लोगों से पूछना चाहता हूं कि आजादी को 80 साल हो चुके हैं। लेकिन आजादी कहाँ है? और यह किसके लिए है? हम आजादी की बात करते हैं, हमें अन्याय से आजादी और दमन से आजादी की जरूरत है।
उन्होंने आगे कहा- चाहे आप गरीब हों या अमीर, हम सभी के लिए आजादी की बात करते हैं।. मैं भारत के लोगों से पूछना चाहता हूं- आजादी कहां है? क्या आजादी केवल सत्ता में बैठे लोगों के लिए है?