
Dharmendra Pradhan Odisha: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार अपने गृह राज्य ओडिशा पहुंचे। बुधवार को उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन माझी और ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढी और अन्य वरिष्ठ बीजेपी नेताओं संग बातचीत की। इस दौरान राज्य से जुड़े अहम विकास कार्यों व अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। धर्मेंद्र प्रधान की इस बैठक को लेकर अब सियासी अटकलों का दौर भी शुरू हो गया है। चर्चा होने लगी है कि क्या धर्मेंद्र प्रधान अब राज्य की सियासत में एक्टिव होंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बैठक की जानकारी देते हुए प्रधान ने बताया कि ओडिशा के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत हुई। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि ओडिशा के विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्य के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, राज्य प्रभारी और हमारी पार्टी के सांसदों के साथ चर्चा हुई।
बीजेपी सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का बेहद खास माना जाता है। साल 2024 के ओडिशा विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। बीजेपी को राज्य की 21 लोकसभा सीटों में से 20 पर जीत हासिल हुई, जबकि 147 विधानसभा सीटों में से पार्टी ने 78 पर जीत हासिल करके राज्य पहली बार में सरकार बनाई। उस समय कयास लगाए जा रहे थे कि धर्मेंद्र प्रधान को पार्टी राज्य में भेज सकती है और सीएम बना सकती है। क्योंकि, उस समय वह बीजेपी प्रदेश इकाई के बड़े चेहरा थे, लेकिन मोदी और शाह ने उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में बुला लिया।
ओडिशा में मोहन माझी की सरकार दो साल पूरे कर चुकी है। तीन साल का कार्यकाल अभी बाकि है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कुछ समय बाद धर्मेंद्र प्रधान को पार्टी राज्य में एडजस्ट कर सकती है।
सियासी जानकारों का मानना है कि ओडिशा की सरकार और बीजेपी के प्रदेश संगठन में धर्मेंद्र प्रधान की पकड़ मजबूत है। प्रधान साल 2014 से बाद से ही ओडिशा में काफी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 2024 के चुनाव से पहले कांग्रेस और बीजू जनता दल के मजबूत नेताओं को बीजेपी में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्टी के 78 में से कई विधायक धर्मेंद्र प्रधान के खास माने जाते हैं। यह बात पार्टी भी अच्छे तरीके से समझती है।