राष्ट्रीय

CJP Victory Party : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP का जश्न मनाने का वीडियो वायरल, अमित मालवीय ने उठाए सवाल

CJP celebration video viral: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्यों और आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों के जश्न मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
2 min read
Jul 27, 2026
cjp celebration
CJP का जश्न मनाने का वीडियो वायरल। फोटो-वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्यों और आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों के जश्न मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो CJP की जीत के जश्न के तौर पर शेयर किया जा रहा है।

इस वीडियो को साझा करते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने आंदोलन की मंशा पर सवाल उठाए हैं। अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने कठिन परिश्रम के बाद आराम करने और जश्न मनाने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए समय और स्थान भी महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने लिखा कि जब किसी आंदोलन को छात्रों के लिए न्याय की लड़ाई के रूप में प्रस्तुत किया जाता है और उसकी नैतिक नींव उन छात्रों की आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं पर आधारित बताई जाती है, तब उसके तुरंत बाद नाच-गाने और जश्न जैसे दृश्य कई लोगों को बेहद असंवेदनशील लग सकते हैं। मालवीय ने कहा कि यह ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी के निधन पर शोक जताने का दावा करते हुए उसी समय जश्न मनाया जा रहा हो।

वीडियो वायरल होने से उठे सवाल

भाजपा नेता ने अपने पोस्ट में उल्लेख किया कि इससे पहले मंच पर विजेता दहिया के डांस का वीडियो वायरल हुआ था। अब अभिजीत दिपके से जुड़े लोगों, जिनमें सौरव, रांका और अन्य शामिल बताए जा रहे हैं, उनके जश्न मनाने के वीडियो सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने पूछा कि इन तस्वीरों और वीडियो से उन हजारों युवाओं को क्या संदेश जाएगा, जो जंतर-मंतर पर यह सोचकर पहुंचे थे कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चल रहे एक गंभीर आंदोलन का हिस्सा हैं।

'युवाओं को गुमराह किया गया'

अमित मालवीय ने कहा कि अब कई छात्रों को यह महसूस हो सकता है कि उन्हें गुमराह किया गया। उनके अनुसार, छात्रों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाला आंदोलन इन वीडियो के आधार पर आत्ममंथन की बजाय जश्न के साथ समाप्त होता दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जो छात्र ईमानदारी से इस आंदोलन में शामिल हुए थे, उन्हें यह सवाल पूछने का अधिकार है कि कहीं उनकी भावनाओं का इस्तेमाल किसी राजनीतिक अभियान के लिए तो नहीं किया गया। अमित मालवीय ने अपने पोस्ट के अंत में कहा कि देश के युवाओं को दिखावे की नहीं, बल्कि ईमानदारी और गंभीरता की आवश्यकता है।

यूजर्स ने पूछा- जुनैद भाई कहां हैं?

वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाओं के बीच एक और नाम अचानक भारी चर्चा में आ गया है- मोहम्मद जुनैद मलिक।वायरल वीडियो के कमेंट सेक्शन में हजारों यूजर्स लगातार एक ही सवाल दोहरा रहे हैं 'जुनैद भाई कहां हैं?' इंटरनेट पर उनको लेकर कई तरह के अलग-अलग दावे और अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इनमें से किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है।

Updated on:
27 Jul 2026 12:54 pm
Published on:
27 Jul 2026 12:43 pm